ग्वालियर | 6 अप्रैल 2026 |✍🏻 Z S Razzaqi | वरिष्ठ पत्रकार
ग्वालियर: मध्य प्रदेश के ग्वालियर में एक बेहद चालाक और सुनियोजित ठगी गिरोह का पर्दाफाश हुआ है, जिसमें लोगों को कम समय में दस गुना पैसा देने का लालच देकर फंसाया जाता था। इस मामले में पुलिस ने एक शातिर ठग को गिरफ्तार किया है, जो “चूरन वाले नकली नोट” के जरिए लोगों को धोखा देता था। इस पूरे खुलासे में दतिया के एक डेयरी संचालक की सतर्कता और समझदारी ने अहम भूमिका निभाई।
ठगी का खतरनाक तरीका: ऊपर असली, नीचे नकली
पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी बेहद चालाकी से नकली नोटों की गड्डियों के ऊपर कुछ असली नोट लगाकर लोगों को भ्रमित करता था। पहली बार भरोसा जीतने के लिए वह सैंपल के तौर पर असली नोट देता था, जिससे पीड़ित व्यक्ति उसे बाजार में चलाकर जांच ले। जब नोट असली निकलते, तो व्यक्ति का भरोसा पूरी तरह जीत लिया जाता।
इसके बाद आरोपी बड़ी रकम के बदले दस गुना नकली नोट देने का लालच देता और इसी जाल में लोग फंस जाते।
कैसे जाल में फंसा डेयरी संचालक
दतिया जिले के बड़ौनी क्षेत्र के बिल्हरी खुर्द गांव निवासी सोनू पाल, जो पेशे से डेयरी संचालक हैं, को तीन दिन पहले एक अज्ञात नंबर से व्हाट्सएप कॉल आया। कॉल करने वाले ने खुद को आजाद अली, निवासी मुरार (ग्वालियर) बताया।
उसने दावा किया कि वह नकली नोटों का कारोबार करता है और असली रकम के बदले 10 गुना नकली नोट देता है। भरोसा दिलाने के लिए उसने 500, 200 और 100 रुपये के कुछ नोट सैंपल के तौर पर दिए।
सोनू ने जब इन नोटों को बाजार में चलाया, तो वे आसानी से स्वीकार कर लिए गए। इससे उसका भरोसा बढ़ गया और वह आरोपी के झांसे में आ गया।
3 लाख के बदले 30 लाख का लालच
आरोपी ने सोनू को 3 लाख रुपये के बदले 30 लाख रुपये देने का प्रस्ताव दिया। शुरुआत में सोनू ने 40 हजार रुपये आरोपी को दे दिए और बाकी रकम डिलीवरी के समय देने की बात तय हुई।
लेकिन इसी बीच सोनू को शक हुआ कि कहीं यह कोई बड़ा धोखा तो नहीं है। उसने तुरंत महाराजपुरा थाना पहुंचकर पुलिस को पूरी जानकारी दी।
पुलिस का जाल और रंगे हाथों गिरफ्तारी
थाना प्रभारी यशवंत गोयल के नेतृत्व में पुलिस टीम ने योजना बनाकर आरोपी को पकड़ने की रणनीति तैयार की। तय योजना के अनुसार आरोपी को दीनदयाल नगर स्थित टाइगर चौक पर बुलाया गया।
जैसे ही आरोपी बैग लेकर मौके पर पहुंचा और सोनू से संपर्क किया, पुलिस ने उसे घेरकर गिरफ्तार कर लिया।
जब बैग की तलाशी ली गई तो उसमें ऊपर असली नोट और नीचे बड़ी मात्रा में “चूरन वाले नकली नोट” पाए गए।
बरामद हुए नकली नोटों का विवरण
पुलिस ने आरोपी के पास से बड़ी मात्रा में नकली नोट बरामद किए, जिनमें शामिल हैं:
- 500 रुपये की 13 गड्डियां
- 200 रुपये की 5 गड्डियां
- 100 रुपये की 2 गड्डियां
इन सभी गड्डियों में ऊपर कुछ असली नोट थे, जबकि अंदर पूरा बंडल नकली “चूरन नोट” से भरा हुआ था।
पुलिस का बयान और आगे की जांच
महाराजपुरा थाना प्रभारी यशवंत गोयल ने बताया कि आरोपी लोगों को 10 गुना रकम देने का झांसा देकर ठगी करता था। उसके खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली गई है और उससे पूछताछ जारी है।
पुलिस अब यह भी जांच कर रही है कि आरोपी ने पहले किन-किन लोगों को इस तरीके से ठगा है और क्या इस नेटवर्क में अन्य लोग भी शामिल हैं।
बढ़ते साइबर और फिजिकल फ्रॉड का संकेत
यह घटना सिर्फ एक ठगी का मामला नहीं, बल्कि तेजी से बदलते अपराध के तरीकों का उदाहरण है। डिजिटल माध्यम (व्हाट्सएप कॉल) और पारंपरिक नकली नोट ठगी का यह मिश्रण दर्शाता है कि अपराधी अब ज्यादा संगठित और तकनीकी रूप से जागरूक हो चुके हैं।
