19 जून 2026 | विस्तृत विश्लेषण |✍🏻 Z S Razzaqi | अंतरराष्ट्रीय विश्लेषक एवं वरिष्ठ पत्रकार
बेरूत/तेल अवीव, 19 जून 2026। मध्य-पूर्व में जारी तनाव के बीच इज़राइल और हिज़्बुल्लाह के बीच एक बार फिर युद्धविराम (सीज़फायर) लागू करने पर सहमति बन गई है। समाचार एजेंसी रॉयटर्स ने एक वरिष्ठ अमेरिकी अधिकारी के हवाले से बताया है कि दोनों पक्षों ने संघर्ष विराम को पुनः प्रभावी करने पर सहमति व्यक्त की है। हालांकि, युद्धविराम की घोषणा के बावजूद दक्षिणी लेबनान में इज़राइली सैन्य कार्रवाइयाँ जारी रहीं, जिससे स्थिति और अधिक जटिल हो गई है।
स्थानीय सूत्रों के अनुसार, शुक्रवार आधी रात से अब तक दक्षिणी लेबनान में इज़राइली हवाई हमलों और गोलाबारी में कम से कम 47 लोगों की मौत हो चुकी है। युद्धविराम लागू होने के बाद भी कई क्षेत्रों में विस्फोटों और सैन्य गतिविधियों की खबरें सामने आई हैं, जिससे स्थानीय नागरिकों में भय और अनिश्चितता का माहौल बना हुआ है।
ईरान की तीखी प्रतिक्रिया
ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माईल बग़ाई ने लेबनान में इज़राइल द्वारा किए जा रहे नवीनतम हमलों की कड़ी निंदा की है। उन्होंने कहा कि इज़राइल की "लगातार युद्धोन्मुख नीतियाँ" पूरे क्षेत्र के लिए गंभीर और तात्कालिक परिणाम उत्पन्न कर सकती हैं। बग़ाई ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से हस्तक्षेप की अपील करते हुए क्षेत्रीय स्थिरता बनाए रखने की आवश्यकता पर बल दिया।
युद्धविराम के बावजूद जारी रहे हवाई हमले
रिपोर्टों के अनुसार, स्थानीय समयानुसार शाम 4 बजे युद्धविराम प्रभावी होने की घोषणा की गई थी, लेकिन इसके बाद भी दक्षिणी लेबनान के विभिन्न इलाकों में कम से कम 12 इज़राइली हवाई हमले दर्ज किए गए।
नबतियेह, कफ़र सिर, कफ़र रमान, अदशीत, अल-रैहान तथा अन्य क्षेत्रों को निशाना बनाया गया। इसके अतिरिक्त कई स्थानों पर इज़राइली तोपखाने की गोलाबारी भी जारी रही। युद्धविराम लागू होने के मात्र कुछ मिनटों बाद लगातार हुए इन हमलों ने संघर्ष विराम की विश्वसनीयता पर प्रश्नचिह्न खड़ा कर दिया है।
इज़राइल ने युद्धविराम की पुष्टि की
रॉयटर्स के अनुसार, एक वरिष्ठ इज़राइली अधिकारी ने भी हिज़्बुल्लाह के साथ युद्धविराम की पुष्टि की है। हालांकि उन्होंने चेतावनी दी कि यदि हिज़्बुल्लाह की ओर से कोई हमला किया गया तो इज़राइल उसे युद्ध की स्थिति मानेगा और तत्काल जवाबी कार्रवाई करेगा।
अधिकारी ने यह भी स्पष्ट किया कि इज़राइली सेना दक्षिणी लेबनान के उन क्षेत्रों में बनी रहेगी, जहाँ वर्तमान में उसका नियंत्रण है। इस बयान से संकेत मिलता है कि युद्धविराम के बावजूद सैन्य उपस्थिति और तनाव पूरी तरह समाप्त नहीं हुआ है।
"युद्धविराम जैसा माहौल नहीं"
दक्षिणी लेबनान के टायर शहर से रिपोर्टिंग कर रहीं पत्रकार हेइडी पेट ने बताया कि युद्धविराम लागू होने के लगभग आधे घंटे के भीतर ही चार बड़े हवाई हमले हुए। इनमें नबतियेह, कफ़र तेबनित और कफ़र सिर जैसे क्षेत्र प्रभावित हुए।
उन्होंने कहा कि ज़मीनी हालात देखकर ऐसा नहीं लगता कि युद्धविराम वास्तव में लागू हुआ है। स्थानीय लोगों में यह भावना बढ़ रही है कि हर बार युद्धविराम की घोषणा के बाद सैन्य गतिविधियों में अचानक वृद्धि देखने को मिलती है।
150 से अधिक ठिकानों पर हमले का दावा
इज़राइली सेना ने दावा किया है कि उसने शुक्रवार आधी रात के बाद से लेबनान में हिज़्बुल्लाह के 150 से अधिक ठिकानों को निशाना बनाया है। सेना के अनुसार इन हमलों में संगठन के कई लड़ाके मारे गए हैं।
इससे पहले सेना ने जानकारी दी थी कि रातभर चली सैन्य कार्रवाई के दौरान लगभग 80 लक्ष्यों पर हमला किया गया था, जबकि बाद में यह संख्या बढ़ाकर 150 से अधिक बताई गई।
हिज़्बुल्लाह पर युद्धविराम उल्लंघन का आरोप
इज़राइली सैन्य प्रवक्ता अविचाय अद्राई ने हिज़्बुल्लाह पर युद्धविराम का उल्लंघन करने का आरोप लगाया है। सोशल मीडिया मंच एक्स पर जारी एक बयान में उन्होंने कहा कि हिज़्बुल्लाह इज़राइली सेना को उसके सैन्य अभियानों को पूरा करने से रोकने की कोशिश कर रहा है।
अद्राई ने कहा कि इज़राइली सेना लेबनान में "पूर्ण परिचालन स्वतंत्रता" बनाए रखेगी और जहाँ कहीं भी उसे खतरा दिखाई देगा, वहाँ कार्रवाई करने का अधिकार सुरक्षित रखेगी।
ईरान-अमेरिका वार्ता भी चर्चा में
इस बीच, ईरान और अमेरिका के बीच प्रस्तावित वार्ता को फिलहाल स्थगित कर दिया गया है। ईरानी विदेश मंत्रालय ने बताया कि स्विट्ज़रलैंड में होने वाली बैठक को कुछ दिनों के लिए टाल दिया गया है। दोनों देशों के बीच जारी वार्ताओं में ईरान की जमी हुई विदेशी संपत्तियों का मुद्दा एक महत्वपूर्ण विषय बनकर उभरा है।
विश्लेषकों का मानना है कि यदि ईरान और अमेरिका के बीच समझौते की दिशा में प्रगति होती है, तो इसका प्रभाव इज़राइल-हिज़्बुल्लाह संघर्ष सहित पूरे मध्य-पूर्व की भू-राजनीतिक स्थिति पर पड़ सकता है।
क्षेत्रीय शांति पर अनिश्चितता बरकरार
युद्धविराम की घोषणा के बावजूद जारी हवाई हमले, सैन्य आरोप-प्रत्यारोप और क्षेत्रीय शक्तियों की सक्रियता यह संकेत देती है कि मध्य-पूर्व में शांति अभी भी दूर की संभावना बनी हुई है। लेबनान, इज़राइल, ईरान और अमेरिका से जुड़े घटनाक्रम आने वाले दिनों में इस संकट की दिशा तय करेंगे।
फिलहाल, युद्धविराम लागू होने के बावजूद सीमा क्षेत्रों में तनाव बना हुआ है और स्थानीय नागरिक एक स्थायी तथा विश्वसनीय शांति समझौते की प्रतीक्षा कर रहे हैं।
