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संभल में सैफ़ी बिरादरी की वार्षिक बैठक: संगठनात्मक एकजुटता और सामाजिक खिदमत का प्रभावशाली संदेश

 जनपद संभल |10 फरवरी 2026 |✍🏻 Z S Razzaqi |वरिष्ठ पत्रकार

संभल, 10 फरवरी 2026। शहर में सैफ़ी बिरादरी की वार्षिक बैठक एक गरिमामय, सुव्यवस्थित और प्रेरक वातावरण में सम्पन्न हुई। परंपरा के अनुरूप आयोजित लंगर-ए-आम ने कार्यक्रम को सामुदायिक सौहार्द और भाईचारे के रंग में रंग दिया। आयोजन में सैफ़ी राब्ता कमेटी के पदाधिकारियों, सक्रिय सदस्यों, समाज के जिम्मेदार प्रतिनिधियों और क्षेत्र की अनेक सम्मानित हस्तियों की उल्लेखनीय भागीदारी रही। बैठक ने बीते वर्ष के सामाजिक कार्यों की समीक्षा के साथ-साथ भविष्य की योजनाओं पर ठोस विमर्श का मंच प्रदान किया।




वार्षिक प्रतिवेदन: पारदर्शिता और जवाबदेही पर विशेष बल

बैठक की कार्यवाही के दौरान महा सचिव फ़ैज़ान रिज़वी सैफ़ी ने संस्था की गतिविधियों का विस्तृत प्रतिवेदन प्रस्तुत किया। उन्होंने चंदा-संग्रह की प्रगति, संसाधनों के उपयोग के मानकों और सहायता कार्यक्रमों की संरचना पर तथ्यात्मक जानकारी साझा की। विशेष रूप से, वितरित राशन किटों के वज़न, सामग्री की गुणवत्ता, वितरण-प्रक्रिया और कुल लाभार्थियों का विवरण सामने रखा गया। इस प्रस्तुति ने संस्था की कार्यशैली में पारदर्शिता, गुणवत्ता और जवाबदेही के प्रति प्रतिबद्धता को स्पष्ट किया, जिससे उपस्थित सदस्यों के बीच विश्वास और सहभागिता की भावना और सुदृढ़ हुई।


अध्यक्ष का संबोधन: सेवा-कार्य के विस्तार की रूपरेखा

संस्था के अध्यक्ष जनाब जबीब सैफ़ी ने अपने संबोधन में कहा कि पिछले तीन वर्षों की परंपरा को कायम रखते हुए इस वर्ष भी गरीब और वंचित परिवारों तक राशन किट पहुँचाने के अभियान को समाज का खुला समर्थन मिला है। उन्होंने बिरादरी के सदस्यों, दानदाताओं और स्वयंसेवकों के निरंतर सहयोग के लिए आभार व्यक्त किया।
उन्होंने यह भी घोषणा की कि संस्था को शीघ्र ही भारत सरकार के सेक्शन–8 (Section 8) एनजीओ के रूप में पंजीकृत कराने की प्रक्रिया प्रारंभ की जाएगी। उनके अनुसार, यह कदम संस्था की विश्वसनीयता और कार्यक्षमता को नई दिशा देगा, जिससे शिक्षा, स्वास्थ्य, आपदा-राहत और कौशल-विकास जैसे क्षेत्रों में योजनाबद्ध एवं स्थायी पहलें संभव होंगी।


लंगर-ए-आम: सामुदायिक एकता और सौहार्द का प्रतीक

बैठक के उपरांत आयोजित लंगर-ए-आम में उपस्थित मेहमानों और आमजन के लिए उत्कृष्ट एवं सुस्वादु भोजन की व्यवस्था की गई। प्रतिभागियों ने इस सामूहिक आयोजन की सराहना करते हुए इसे सामुदायिक एकता, परस्पर सम्मान और भाईचारे का जीवंत उदाहरण बताया। आयोजन ने यह संदेश दिया कि सामाजिक सेवा केवल सहायता तक सीमित नहीं, बल्कि सहयोग और संवेदनशीलता का सशक्त माध्यम है।


उपस्थिति: समाज के गणमान्य व्यक्तियों की सक्रिय भागीदारी

आयोजन में संस्था के संरक्षक श्री जबीब सैफ़ी साहब के मार्गदर्शन और अध्यक्ष श्री हाजी मोहम्मद शफ़ी (कांग्रेस नेता) की अध्यक्षता में कई प्रमुख पदाधिकारी एवं गणमान्य सदस्य सम्मानपूर्वक उपस्थित रहे।

 कार्यक्रम में उपाध्यक्ष श्री शाहिद हुसैन सैफ़ी साहब (प्रधानाचार्य ज़ेड यू इण्टर कॉलेज ) महासचिव श्री मोहम्मद फैज़ान आलम रिज़वी सैफ़ी साहब, सचिव श्री शौकीन ज़ुबैर साहब, कोषाध्यक्ष श्री मोहम्मद नसीम सैफ़ी (प्रधान) तथा मीडिया प्रभारी एडवोकेट हनीफ सैफ़ी साहब की भागीदारी उल्लेखनीय रही। इसके अतिरिक्त सदस्य श्री शाह आलम अबरार सैफ़ी साहब, श्री असलम सैफ़ी साहब (हयात नगर),तय्यब पीरजी सैफ़ी, और ज़ूनूर अहमद नोशाही सैफ़ी, हाजी बब्बू रहमानी, हाजी बब्बू रहमानी,फ़िरोज़ आलम,ताहिर कुरैशी , नईम खान ,हफ़ीज़ अंसारी, नाज़िम सिद्दीक़ी,हाजी शमीम सैफ़ी, एहतेशाम सैफ़ी,हाफ़िज़ तन्ज़ीम सैफ़ी,शाहनवाज़ हुसैन सैफ़ी,डॉ अदनान सैफ़ी, ज़िआउल सैफ़ी,हाफ़िज़ अनवर सैफ़ी, आसिफ़ सैफई, निशात आलम बबलू सैफ़ी,सुहैल सैफ़ी ( क्राफ्ट्स इंडिया वाले ) हाजी वाहिद सैफ़ी सहित अन्य सम्मानित उपस्थितियों ने आयोजन की गरिमा को और बढ़ाया, जिससे सामुदायिक एकता, सहयोग और सामाजिक प्रतिबद्धता की भावना सशक्त रूप से परिलक्षित हुई।


निष्कर्ष:-

 सामाजिक प्रतिबद्धता और भविष्य-दृष्टि का सशक्त उदाहरण

समग्र रूप से, यह वार्षिक बैठक सैफ़ी बिरादरी की सामाजिक प्रतिबद्धता, संगठनात्मक पारदर्शिता और दूरदर्शी सोच का प्रभावशाली उदाहरण बनकर उभरी। कार्यक्रम ने स्पष्ट किया कि जब सामुदायिक सहयोग, सुविचारित नेतृत्व और सेवा-भाव एक साथ आते हैं, तब सामाजिक परिवर्तन और जनकल्याण के मार्ग स्वतः प्रशस्त होते हैं।

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