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राहुल गांधी ने कोटद्वार के जिम ट्रेनर ‘मोहम्मद दीपक’ से की मुलाकात: “मैं तुम्हारे जिम में मेंबरशिप लूंगा” – साहस और एकता का नया प्रतीक

नई दिल्ली 23 फरवरी 2026 |✍🏻 Z S Razzaqi |वरिष्ठ पत्रकार 

कांग्रेस संसदीय दल के नेता राहुल गांधी ने सोमवार शाम 10 जनपथ स्थित अपनी मां सोनिया गांधी के आवास पर उत्तराखंड के कोटद्वार निवासी जिम ट्रेनर दीपक कुमार (जिन्हें देशभर में ‘मोहम्मद दीपक’ के नाम से जाना जा रहा है) से करीब 45 मिनट तक मुलाकात की। यह मुलाकात सिर्फ एक साधारण भेंट नहीं, बल्कि सांप्रदायिक सद्भाव, साहस और ‘मोहब्बत की दुकान’ के नैरेटिव को नई ऊर्जा देने वाली मानी जा रही है।

मुलाकात के बाद दीपक कुमार भावुक होकर बोले, “राहुल जी ने मुझे गले लगाया। उन्होंने कहा – ‘दीपक, तुमने जो किया वह बहुत बड़ी बात है। तुम अकेले नहीं हो, पूरा देश तुम्हारे साथ है। मैं जल्द ही कोटद्वार आऊंगा और तुम्हारे जिम में मेंबरशिप लूंगा।’”

घटना का पूरा वृतांत: 26 जनवरी 2026, कोटद्वार

26 जनवरी गणतंत्र दिवस के दिन कोटद्वार के मुख्य बाजार में 71 वर्षीय मुस्लिम दुकानदार एडवोकेट अहमद की दुकान “Baba School Dress & Matching Centre” पर कुछ युवकों ने आपत्ति जताई। उनका कहना था कि दुकान का नाम हिंदू नाम “बाबा” से जुड़ा है, इसलिए इसे बदलना चाहिए। जब दुकानदार ने मना किया तो तनाव बढ़ गया और भीड़ जमा हो गई।

इसी दौरान पास के जिम ‘Deepak Fitness Zone’ का मालिक दीपक कुमार मौके पर पहुंचे। उन्होंने बुजुर्ग की रक्षा की और जब भीड़ ने उनका नाम पूछा तो दीपक कुमार ने गर्व से जवाब दिया – “मेरा नाम मोहम्मद दीपक है।”

यह वीडियो तुरंत वायरल हो गया। दीपक कुमार को देशभर से सराहना मिली, लेकिन साथ ही सोशल मीडिया पर धमकियां भी शुरू हो गईं। उनके जिम के कई सदस्यों ने सदस्यता छोड़ दी। कोटद्वार पुलिस में भी उनके खिलाफ शिकायत दर्ज हुई। दीपक कुमार ने कहा था, “मैंने कोई गलत काम नहीं किया। मैंने सिर्फ एक बुजुर्ग की मदद की।”

राहुल गांधी का संदेश: “मोहब्बत की दुकान का योद्धा”

मुलाकात के दौरान राहुल गांधी ने दीपक कुमार और उनके पूरे परिवार से विस्तार से बात की। राहुल ने कहा:

“दीपक, तुमने साबित कर दिया कि हिंदुस्तान में अभी भी लोग धर्म से ऊपर इंसानियत को रखते हैं। तुम ‘मोहम्मद दीपक’ बनकर मोहब्बत की दुकान के सच्चे योद्धा बन गए। तुम अकेले नहीं हो। मैं और मेरी पार्टी तुम्हारे साथ हैं।”

राहुल गांधी ने दीपक कुमार को आश्वासन दिया कि कांग्रेस पार्टी उनके परिवार की सुरक्षा का पूरा ध्यान रखेगी और जरूरत पड़ने पर कानूनी मदद भी मुहैया कराएगी।

राजनीतिक प्रतिक्रियाएं

कांग्रेस का रुख कांग्रेस ने इस मुलाकात को “सांप्रदायिक सद्भाव की जीत” बताया। पार्टी प्रवक्ता जयराम रमेश ने कहा, “राहुल गांधी ने दिखाया कि कांग्रेस उन सारे साहसी लोगों के साथ खड़ी है जो धर्म के नाम पर होने वाली हिंसा का विरोध करते हैं।”

बीजेपी का जवाब उत्तराखंड बीजेपी ने राहुल गांधी की मुलाकात को “तुष्टिकरण की राजनीति” करार दिया। पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता सुधांशु त्रिवेदी ने कहा, “राहुल गांधी हर विवादित मुद्दे को सांप्रदायिक रंग देने की कोशिश कर रहे हैं। दीपक कुमार ने जो किया, वह व्यक्तिगत साहस था, लेकिन कांग्रेस इसे वोट बैंक के लिए इस्तेमाल कर रही है।”

गहन विश्लेषण: राहुल गांधी की नई रणनीति

यह मुलाकात राहुल गांधी की उस राजनीति का हिस्सा है जिसे वे पिछले दो साल से “मोहब्बत की दुकान” कह रहे हैं। 2024 लोकसभा चुनाव के बाद राहुल गांधी लगातार ऐसे मामलों में आगे आ रहे हैं जहां साधारण नागरिकों ने सांप्रदायिक सद्भाव के लिए साहस दिखाया है।

महत्वपूर्ण बातें:

  • दीपक कुमार हिंदू हैं, फिर भी उन्होंने मुस्लिम दुकानदार की रक्षा की और खुद को “मोहम्मद दीपक” कहा। यह घटना हिंदू-मुस्लिम एकता का बेहतरीन उदाहरण है।
  • राहुल गांधी ऐसे मामलों को राष्ट्रीय स्तर पर उठाकर “ध्रुवीकरण vs एकता” का नया नैरेटिव बना रहे हैं।
  • कोटद्वार जाकर जिम में मेंबरशिप लेने का वादा बहुत ही प्रतीकात्मक है। इससे राहुल गांधी आम आदमी से जुड़ने का संदेश दे रहे हैं।


दीपक कुमार का परिवार और भावी योजना

दीपक कुमार की पत्नी ने बताया कि मुलाकात के बाद पूरा परिवार बहुत खुश है। दीपक कुमार ने कहा कि वे अब अपने जिम का नाम “Mohammad Deepak Fitness Zone” रखने पर विचार कर रहे हैं।

अंत में

राहुल गांधी की दीपक कुमार से मुलाकात ने एक बार फिर साबित किया कि छोटे-छोटे साहसी कदम राष्ट्रीय स्तर पर बड़ा संदेश बन सकते हैं। दीपक कुमार ने “मोहम्मद दीपक” कहकर जो साहस दिखाया, उसी साहस को राहुल गांधी ने राष्ट्रीय मंच पर जगह दी।

अब देखना यह है कि राहुल गांधी इस घटना को उत्तराखंड में अपनी अगली यात्रा का आधार बनाते हैं या नहीं। लेकिन एक बात तय है – ‘मोहम्मद दीपक’ अब सिर्फ एक नाम नहीं, बल्कि साहस और भाईचारे का प्रतीक बन चुका है। 

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