21 जनवरी 2026 |✍🏻 Z S Razzaqi | अंतरराष्ट्रीय विश्लेषक एवं वरिष्ठ पत्रकार
दावोस में होने वाली यह वार्षिक बैठक ऐसे समय में हो रही है जब दुनिया राजनीतिक तनाव, आर्थिक अनिश्चितता, कृत्रिम बुद्धिमत्ता की तेज़ प्रगति और जलवायु संकट जैसे गंभीर मुद्दों से जूझ रही है।
कब और कहाँ हो रहा है वर्ल्ड इकोनॉमिक फ़ोरम 2026?
वर्ल्ड इकोनॉमिक फ़ोरम की वार्षिक बैठक
19 जनवरी से 23 जनवरी 2026 तक
स्विट्ज़रलैंड के प्रसिद्ध अल्पाइन शहर दावोस में आयोजित की जा रही है।
लगभग 1,500 मीटर की ऊँचाई पर स्थित दावोस, जिसकी आबादी क़रीब 10,000 है, वर्ष 1971 से लगातार इस वैश्विक सम्मेलन की मेज़बानी करता आ रहा है। यही निरंतरता दावोस को दुनिया का सबसे प्रभावशाली आर्थिक मंच बनाती है।
वर्ल्ड इकोनॉमिक फ़ोरम क्या है?
वर्ल्ड इकोनॉमिक फ़ोरम एक अंतरराष्ट्रीय थिंक टैंक और नीति संवाद मंच है, जिसका मुख्यालय जिनेवा में स्थित है। इसकी शुरुआत 1971 में केवल उद्योगपतियों की बैठक के रूप में हुई थी, लेकिन समय के साथ इसका दायरा व्यापक होता चला गया।
आज WEF में चर्चा होती है:
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वैश्विक आर्थिक असमानता
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जलवायु परिवर्तन
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कृत्रिम बुद्धिमत्ता और तकनीक
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भू-राजनीति
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वैश्विक सहयोग और शांति
यही कारण है कि दावोस को अक्सर “दुनिया का अनौपचारिक शक्ति केंद्र” कहा जाता है।
दावोस 2026 इतना महत्वपूर्ण क्यों है?
दावोस 2026 ऐसे दौर में हो रहा है जब:
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वैश्विक शक्ति संतुलन बदल रहा है
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व्यापार युद्ध और शुल्क विवाद बढ़ रहे हैं
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कृत्रिम बुद्धिमत्ता मानव श्रम और उद्योगों को नया स्वरूप दे रही है
इस वर्ष सम्मेलन की थीम है:
“A Spirit of Dialogue” (संवाद की भावना)
यह विषय इस बात पर ज़ोर देता है कि टकराव के दौर में भी संवाद और सहयोग ही स्थायी समाधान का मार्ग है।
कौन-कौन से वैश्विक नेता और उद्योगपति हो रहे हैं शामिल?
WEF 2026 में लगभग 3,000 उच्च-स्तरीय प्रतिभागी शामिल हो रहे हैं।
🌍 राजनीतिक नेतृत्व
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अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप
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फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों
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यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला फ़ॉन डर लेयेन
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यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर ज़ेलेंस्की
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कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी
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क़तर के प्रधानमंत्री शेख़ मोहम्मद बिन अब्दुलरहमान
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चीन के उप प्रधानमंत्री हे लिफ़ेंग
💼 व्यापार और तकनीक जगत के दिग्गज
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जेनसन हुआंग (NVIDIA)
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सत्या नडेला (Microsoft)
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डेमिस हसबिस (Google DeepMind)
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आर्थर मेंश (Mistral AI)
🌐 अंतरराष्ट्रीय संगठनों के प्रमुख
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NATO महासचिव मार्क रुट्टे
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WTO महानिदेशक नगोज़ी ओकोंजो-इवेला
कौन नहीं हो रहा है शामिल?
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ईरान के विदेश मंत्री को हालिया घटनाओं के कारण दावोस में शामिल नहीं किया गया
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मोज़ाम्बीक़ के राष्ट्रपति ने देश में आई भीषण बाढ़ के कारण यात्रा रद्द की
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इसके विपरीत, इज़राइल को आमंत्रित किया गया है, जिसकी ओर से राष्ट्रपति इसहाक हर्ज़ोग भाग ले रहे हैं
दावोस 2026 का प्रमुख एजेंडा
इस वर्ष 200 से अधिक सत्रों में चर्चा होगी:
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वैश्विक राजनीति और बदलता विश्व क्रम
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कृत्रिम बुद्धिमत्ता: अवसर और चुनौतियाँ
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जलवायु परिवर्तन और हरित अर्थव्यवस्था
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व्यापार शुल्क, निवेश और वैश्विक बाज़ार
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मानव संसाधन और भविष्य की नौकरियाँ
डोनाल्ड ट्रंप के भाषण के बाद प्रमुख उद्योगपतियों के लिए विशेष बैठकें और संवाद भी निर्धारित हैं।
इस बार दावोस क्यों अलग है?
दावोस 2026 को अलग बनाता है:
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अमेरिका की आक्रामक व्यापार नीति
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यूरोप और अमेरिका के बीच बढ़ता तनाव
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कृत्रिम बुद्धिमत्ता को लेकर वैश्विक मतभेद
यूरोपीय नेताओं ने नए व्यापार शुल्कों को लेकर अमेरिका के रुख़ को आर्थिक दबाव करार दिया है।
आलोचना भी क्यों होती है?
दावोस पर अक्सर यह आरोप लगाए जाते हैं कि:
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यहाँ विचार अधिक और कार्रवाई कम होती है
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आर्थिक असमानता पर ठोस समाधान नहीं निकलते
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जलवायु संकट जैसे मुद्दे केवल चर्चाओं तक सीमित रह जाते हैं
फिर भी, यह सच है कि दुनिया के कई बड़े आर्थिक और राजनीतिक निर्णयों की दिशा दावोस से ही तय होती है।
