21 जनवरी 2026 |✍🏻 Z S Razzaqi | अंतरराष्ट्रीय विश्लेषक एवं वरिष्ठ पत्रकार
सूत्रों के मुताबिक, PCB ने यह ईमेल न सिर्फ ICC को भेजा बल्कि ICC बोर्ड के सभी सदस्यों को भी इसकी प्रति भेजी, जिससे यह साफ संकेत जाता है कि मामला अब बंद कमरों की चर्चा से बाहर आ चुका है।
भारत में खेलने से बांग्लादेश का इनकार: सुरक्षा या राजनीति?
बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड ने, अपनी सरकार के समर्थन से, भारत में होने वाले ग्रुप-स्टेज मुकाबलों के लिए टीम भेजने से साफ इनकार कर दिया है। BCB का कहना है कि मौजूदा क्षेत्रीय राजनीतिक हालात और सुरक्षा चिंताओं को देखते हुए खिलाड़ियों की सुरक्षा सर्वोपरि है।
बांग्लादेश ने ICC से औपचारिक मांग की है कि उसके सभी मैच श्रीलंका में कराए जाएँ, जो भारत के साथ इस टूर्नामेंट का सह-मेज़बान भी है।
ICC की सख्त नीति: शेड्यूल में बदलाव नहीं
हालांकि, ICC अपने रुख पर अब तक अडिग बना हुआ है। पिछले सप्ताह ढाका में हुई बैठकों सहित कई दौर की बातचीत के बावजूद ICC ने स्पष्ट कर दिया है कि:
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टूर्नामेंट शेड्यूल में कोई बदलाव नहीं होगा
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बांग्लादेश को तय कार्यक्रम के अनुसार भारत में ही खेलना होगा
ICC ने यह संदेश BCB को सीधे तौर पर दे दिया है, जिससे दोनों पक्षों के बीच टकराव और गहरा गया है।
PCB की एंट्री ने क्यों बढ़ाई हलचल?
पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड का इस मुद्दे में अंतिम समय पर शामिल होना कई सवाल खड़े कर रहा है। क्रिकेट गलियारों में पहले से ही अटकलें थीं कि PCB इस संकट में कोई बड़ी भूमिका निभा सकता है।
बीते हफ्ते कुछ अपुष्ट रिपोर्ट्स सामने आई थीं, जिनमें दावा किया गया था कि:
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पाकिस्तान, बांग्लादेश के मैच अपने यहाँ कराने की पेशकश कर सकता है
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PCB, हालात बिगड़ने पर टी20 वर्ल्ड कप में पाकिस्तान की भागीदारी पर भी पुनर्विचार कर सकता है
हालांकि PCB ने इन दावों पर अब तक कोई सार्वजनिक बयान नहीं दिया है और ESPNcricinfo के सवालों का भी जवाब नहीं दिया।
विवाद की जड़: IPL 2026 और मुस्ताफिज़ुर रहमान मामला
इस पूरे विवाद की शुरुआत IPL 2026 से जुड़ी एक घटना से हुई। भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) ने कोलकाता नाइट राइडर्स (KKR) को निर्देश दिया कि वह बांग्लादेशी तेज़ गेंदबाज़ मुस्ताफिज़ुर रहमान को अपनी टीम से हटा दे।
इस फैसले के पीछे आधिकारिक कारण कभी स्पष्ट नहीं किए गए, लेकिन क्रिकेट जगत में इसे भारत-बांग्लादेश के बिगड़ते राजनीतिक रिश्तों से जोड़कर देखा गया। इसी घटना के बाद बांग्लादेश सरकार ने सख्त रुख अपनाते हुए कहा कि राष्ट्रीय टीम भारत में कोई मैच नहीं खेलेगी।
हालात और बिगड़े: BPL में खिलाड़ी बहिष्कार
मामला यहीं नहीं रुका। बांग्लादेश प्रीमियर लीग (BPL) भी इस संकट की चपेट में आ गई।
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एक वरिष्ठ BCB अधिकारी के बयान से खिलाड़ी नाराज़ हो गए
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खिलाड़ियों ने संभावित आर्थिक नुकसान को लेकर दिए गए बयान का विरोध किया
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नतीजतन, BPL में खिलाड़ियों के बहिष्कार जैसी स्थिति पैदा हो गई
इसने साफ कर दिया कि टी20 वर्ल्ड कप विवाद अब घरेलू क्रिकेट तक को प्रभावित कर रहा है।
आज ICC बोर्ड की अहम बैठक
ICC ने बुधवार, 21 जनवरी को बोर्ड मीटिंग बुलाने की पुष्टि की है, जिसमें बांग्लादेश की भागीदारी पर अंतिम फैसला लिया जाना है। यह वही दिन है जिसे पहले ही निर्णय की अंतिम समय-सीमा के रूप में तय किया गया था।
हालांकि यह स्पष्ट नहीं है कि PCB के पत्र की वजह से ही यह बैठक बुलाई गई, लेकिन इतना तय है कि पाकिस्तान के समर्थन ने ICC पर राजनीतिक और नैतिक दबाव जरूर बढ़ा दिया है।
क्या होगा आगे?
इस पूरे संकट में तीन संभावनाएँ उभरकर सामने आती हैं:
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ICC अपने फैसले पर कायम रहता है और बांग्लादेश को भारत में खेलने के लिए मजबूर करता है
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बांग्लादेश टूर्नामेंट से हटने का कठोर फैसला लेता है
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कोई असाधारण समाधान निकालते हुए ICC तटस्थ स्थान पर मैच कराने पर विचार करे
जो भी फैसला आए, यह विवाद आने वाले वर्षों में ICC टूर्नामेंट्स की मेज़बानी नीति, राजनीति-क्रिकेट संबंध और टीमों की सुरक्षा चिंताओं पर गहरा असर डाल सकता है।
निष्कर्ष:-
टी20 वर्ल्ड कप 2026 अब सिर्फ क्रिकेट का आयोजन नहीं रह गया है। यह एक ऐसा मोड़ बन चुका है जहाँ खेल, कूटनीति, सुरक्षा और सत्ता—चारों आमने-सामने खड़े हैं। पाकिस्तान का बांग्लादेश के समर्थन में खुलकर आना इस बात का संकेत है कि आने वाले समय में ICC को पहले से कहीं ज्यादा संतुलित और दूरदर्शी फैसले लेने होंगे।
