7 जनवरी 2026 |✍🏻 Z S Razzaqi |वरिष्ठ पत्रकार
1.04 करोड़ से अधिक मतदाताओं को चुनाव आयोग का नोटिस, सुनवाई के बाद तय होगा भविष्य
लखनऊ। उत्तर प्रदेश की राजनीति और लोकतांत्रिक प्रक्रिया के लिए एक अहम घटनाक्रम में राज्य के 1 करोड़ 4 लाख से अधिक मतदाताओं को चुनाव आयोग (EC) की ओर से नोटिस जारी किए जाने की तैयारी है। ये वे मतदाता हैं जिनके नाम 2003 में हुए विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision – SIR) की मतदाता सूची से मौजूदा डेटा के मिलान (मैपिंग) में स्पष्ट रूप से लिंक नहीं हो पाए।
हालांकि इन मतदाताओं के नाम हाल ही में प्रकाशित ड्राफ्ट मतदाता सूची में शामिल किए गए हैं, लेकिन अंतिम सूची में बने रहने के लिए उन्हें अपने-अपने विधानसभा क्षेत्रों के निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी (ERO) के समक्ष उपस्थित होकर सुनवाई में भाग लेना अनिवार्य होगा।
ड्राफ्ट सूची में 12.55 करोड़ मतदाता, लेकिन छंटनी की आशंका
मंगलवार को प्रकाशित ड्राफ्ट मतदाता सूची में उत्तर प्रदेश के कुल 12.55 करोड़ मतदाता दर्ज हैं। अधिकारियों के अनुसार, ड्राफ्ट में चिन्हित किए गए 2.89 करोड़ नामों के अलावा भी बड़ी संख्या में ऐसे मतदाता हो सकते हैं, जिन पर आपत्ति या सत्यापन की प्रक्रिया आगे चलकर लागू होगी।
चुनाव आयोग के अधिकारियों का कहना है कि यह पूरी कवायद मतदाता सूची को अधिक सटीक, पारदर्शी और विश्वसनीय बनाने के उद्देश्य से की जा रही है।
मुख्य चुनाव अधिकारी ने दी समय-सीमा की जानकारी
उत्तर प्रदेश के मुख्य चुनाव अधिकारी नवदीप रिणवा ने स्पष्ट किया कि—
ड्राफ्ट मतदाता सूची पर दावे और आपत्तियाँ दर्ज करने की अंतिम तिथि 6 फरवरी है
सभी दावों और आपत्तियों का निपटारा 27 फरवरी तक किया जाएगा
अंतिम मतदाता सूची 6 मार्च को प्रकाशित की जाएगी
उन्होंने यह भी आश्वासन दिया कि किसी भी मतदाता का नाम निर्धारित कानूनी प्रक्रिया के बिना नहीं हटाया जाएगा।
बड़े पैमाने पर प्रशासनिक तैयारी
इस व्यापक पुनरीक्षण प्रक्रिया के लिए राज्यभर में—
403 निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी (ERO)
2,042 सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी (AERO)
को तैनात किया गया है, जो दावों और आपत्तियों की जांच करेंगे।
यदि कोई मतदाता ERO के फैसले से असंतुष्ट होता है, तो—
पहली अपील जिलाधिकारी (DM) के समक्ष की जा सकती है
दूसरी अपील राज्य के मुख्य चुनाव अधिकारी के पास जाएगी
कौन-सा फॉर्म किसके लिए?
चुनाव आयोग ने मतदाताओं की सुविधा के लिए फॉर्म संबंधी जानकारी भी दोहराई है—
फॉर्म 6 – नए मतदाता पंजीकरण के लिए
फॉर्म 6A – विदेश में रहने वाले भारतीय नागरिकों के लिए
फॉर्म 7 – नाम हटाने या आपत्ति दर्ज करने के लिए
फॉर्म 8 – नाम, पता या अन्य विवरण में सुधार के लिए
ये फॉर्म—
बीएलओ (बूथ लेवल ऑफिसर)
तहसील स्तर के वोटर रजिस्ट्रेशन सेंटर (VRC)
ECINET मोबाइल ऐप और voters.eci.gov.in
पर उपलब्ध हैं।
चुनाव आयोग का भरोसा
मुख्य चुनाव अधिकारी नवदीप रिणवा ने दो टूक कहा—
“चुनाव आयोग एक पारदर्शी, सहभागी और समावेशी पुनरीक्षण प्रक्रिया के लिए प्रतिबद्ध है। यह सुनिश्चित किया जाएगा कि कोई भी पात्र मतदाता वंचित न रहे और कोई भी अपात्र व्यक्ति सूची में शामिल न हो।”
लोकतंत्र के लिए निर्णायक चरण
विशेषज्ञों का मानना है कि उत्तर प्रदेश जैसे विशाल राज्य में इस स्तर का पुनरीक्षण लोकतांत्रिक प्रणाली की मजबूती के लिए अहम है, लेकिन साथ ही यह आवश्यक है कि आम मतदाता तक समय पर सूचना पहुँचे और वे सुनवाई की प्रक्रिया में सक्रिय रूप से भाग लें, ताकि किसी भी तरह की अनावश्यक मतदाता-वंचना न हो।
