3 जनवरी 2026 |✍🏻 Z S Razzaqi | अंतरराष्ट्रीय विश्लेषक एवं वरिष्ठ पत्रकार
अमेरिका और वेनेज़ुएला के बीच वर्षों से चले आ रहे टकराव ने शुक्रवार को एक ऐसा मोड़ ले लिया, जिसने पूरी दुनिया की राजनीति और कूटनीति को हिला कर रख दिया। अमेरिका ने दावा किया है कि वेनेज़ुएला के पूर्व राष्ट्रपति निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी सिलिया फ़्लोरेस को एक बड़े सैन्य और क़ानूनी ऑपरेशन के तहत हिरासत में लिया गया है और अब उन्हें अमेरिकी अदालतों में गंभीर आपराधिक मामलों का सामना करना पड़ेगा।
अमेरिकी अटॉर्नी जनरल पैम बॉन्डी ने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म X पर बयान जारी करते हुए कहा कि मादुरो दंपति को “अमेरिकी न्याय की पूरी ताक़त का सामना अमेरिकी धरती पर, अमेरिकी अदालतों में करना होगा।” उनके अनुसार, न्यूयॉर्क में दायर अभियोग पत्र (Indictment) के तहत मादुरो पर कई संगीन आरोप लगाए गए हैं।
मादुरो पर किन-किन अपराधों का आरोप?
अमेरिकी न्याय विभाग के अनुसार, निकोलस मादुरो पर जिन अपराधों में मुक़दमा चलाया जाएगा, उनमें शामिल हैं:
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नार्को-टेररिज़्म साज़िश (Narco-Terrorism Conspiracy)
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अमेरिका में कोकीन तस्करी की साज़िश
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मशीनगन और विनाशकारी हथियार रखने का आरोप
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अवैध हथियारों को रखने और इस्तेमाल करने की साज़िश
पैम बॉन्डी का दावा है कि ये सभी गतिविधियाँ सीधे तौर पर अमेरिका की राष्ट्रीय सुरक्षा के ख़िलाफ़ थीं और इन्हें राज्य संरक्षण प्राप्त था।
ट्रंप का बड़ा ऐलान: “मादुरो और उनकी पत्नी को देश से बाहर भेजा गया”
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी इस पूरे घटनाक्रम पर बयान देते हुए कहा कि अमेरिका ने वेनेज़ुएला में “बड़े पैमाने पर कार्रवाई” की, जिसके दौरान तत्कालीन राष्ट्रपति निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी को हिरासत में लेकर देश से बाहर भेज दिया गया।
ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म Truth Social पर लिखा कि यह ऑपरेशन अमेरिकी क़ानून प्रवर्तन एजेंसियों के साथ मिलकर किया गया और इसकी विस्तृत जानकारी जल्द सार्वजनिक की जाएगी। उन्होंने यह भी घोषणा की कि इस विषय पर फ्लोरिडा के मार-ए-लागो में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित की जाएगी।
वर्षों पुराना आरोप: ‘नार्को-स्टेट’ चला रहे थे मादुरो
डोनाल्ड ट्रंप इससे पहले भी कई बार मादुरो सरकार को “नार्को-टेररिस्ट शासन” कह चुके हैं। अमेरिका का आरोप रहा है कि मादुरो के कार्यकाल में वेनेज़ुएला अंतरराष्ट्रीय ड्रग्स तस्करी का एक प्रमुख केंद्र बन गया था और सरकारी संरक्षण में कोकीन की सप्लाई अमेरिका तक पहुँचाई जा रही थी।
अमेरिका ने हाल के महीनों में वेनेज़ुएला से आने वाली संदिग्ध नौकाओं पर हमले भी किए थे, जिन पर ड्रग्स की तस्करी का आरोप था। ट्रंप प्रशासन पहले ही यह संकेत दे चुका था कि ज़रूरत पड़ने पर वेनेज़ुएला की ज़मीन पर सैन्य कार्रवाई से भी पीछे नहीं हटेगा।
वेनेज़ुएला का पलटवार: ‘यह साम्राज्यवादी हमला है’
वहीं, वेनेज़ुएला की ओर से इस पूरे घटनाक्रम को अमेरिका की “साम्राज्यवादी साज़िश” करार दिया गया है। वेनेज़ुएला सरकार का कहना है कि अमेरिका की यह कार्रवाई लोकतांत्रिक रूप से चुनी गई सरकार को सत्ता से हटाने की कोशिश थी।
सरकार ने अपने नागरिकों से सड़कों पर उतरकर विरोध प्रदर्शन करने की अपील की है और अंतरराष्ट्रीय मंचों पर इस मुद्दे को उठाने का संकेत दिया है। वेनेज़ुएला ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद से भी इस मामले में हस्तक्षेप की माँग करने की तैयारी शुरू कर दी है।
वैश्विक राजनीति पर गहरा असर
मादुरो की कथित गिरफ्तारी और अमेरिका में मुक़दमे की घोषणा ने वैश्विक राजनीति में नई हलचल पैदा कर दी है। कई देशों ने इस घटनाक्रम पर चिंता जताई है, जबकि कुछ राष्ट्र अमेरिका के रुख़ का समर्थन करते नज़र आ रहे हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह मामला सिर्फ़ एक व्यक्ति या एक देश तक सीमित नहीं है, बल्कि यह अंतरराष्ट्रीय क़ानून, संप्रभुता और वैश्विक शक्ति संतुलन से जुड़ा हुआ है। आने वाले दिनों में यह स्पष्ट होगा कि यह घटनाक्रम अमेरिका-लैटिन अमेरिका संबंधों को किस दिशा में ले जाता है।
