25 जनवरी 2026 |✍🏻 Z S Razzaqi | वरिष्ठ पत्रकार
यह सूची न केवल भारत की विविधता और बहुआयामी प्रतिभाओं को रेखांकित करती है, बल्कि यह भी दर्शाती है कि राष्ट्र निर्माण में दीर्घकालिक, निस्वार्थ और प्रभावशाली योगदान को किस प्रकार सर्वोच्च स्तर पर सम्मान दिया जाता है।
वैश्विक योगदान से लेकर सामाजिक साहस तक: पद्म पुरस्कार 2026 की दूसरी बड़ी तस्वीर
पद्म पुरस्कार 2026 की सूची का दूसरा महत्वपूर्ण पहलू यह है कि भारत सरकार ने इस वर्ष विदेशी नागरिकों, एनआरआई (NRI) और ओसीआई (OCI) श्रेणियों में भी उन व्यक्तित्वों को सम्मानित किया है, जिन्होंने भारत की प्रतिष्ठा को अंतरराष्ट्रीय मंच पर मजबूत किया। इस कड़ी में दिग्गज टेनिस खिलाड़ी और खेल कूटनीति के प्रभावशाली चेहरा रहे विजय अमृतराज सहित कुल छह विशिष्ट हस्तियों को पद्म सम्मान देने की घोषणा की गई है। विजय अमृतराज न केवल भारतीय टेनिस के स्वर्णिम दौर का प्रतीक रहे हैं, बल्कि उन्होंने खेल, युवा प्रेरणा और वैश्विक स्तर पर भारत की सकारात्मक छवि निर्माण में भी उल्लेखनीय भूमिका निभाई है।
इसी क्रम में देश ने केरल की राजनीति के सबसे प्रभावशाली और सिद्धांतनिष्ठ नेताओं में शुमार वी. एस. अच्युतानंदन को उनके आजीवन सार्वजनिक जीवन, जनहित के मुद्दों पर अडिग रुख और प्रशासनिक ईमानदारी के लिए मरणोपरांत पद्म विभूषण से सम्मानित कर एक ऐतिहासिक संदेश दिया है। यह सम्मान केवल एक व्यक्ति का नहीं, बल्कि उस राजनीतिक संस्कृति का भी सम्मान है, जिसमें सत्ता से अधिक महत्व जनसेवा और नैतिक मूल्यों को दिया जाता है।
पद्म पुरस्कार 2026 की सूची में मानवीय साहस और सामाजिक संघर्ष की कहानी भी पूरी मजबूती से सामने आई है। एसिड अटैक सर्वाइवर मंगला कपूर को पद्म श्री से सम्मानित करने की घोषणा ने समाज के उस वर्ग को राष्ट्रीय पहचान दिलाई है, जो अक्सर हाशिए पर धकेल दिया जाता है। मंगला कपूर ने अपने बयान में जिस तरह संघर्ष, पीड़ा और आत्मबल की बात की, वह इस सम्मान को केवल व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं, बल्कि सामाजिक चेतना का प्रतीक बना देती है।
वहीं, पद्म भूषण से सम्मानित किए गए मलयालम सिनेमा के महानायक ममूटी ने इस अवसर को भावनात्मक बताते हुए कहा कि देश द्वारा सम्मानित किया जाना किसी भी कलाकार के लिए सर्वोच्च गौरव होता है। दशकों तक भारतीय सिनेमा को अपनी अभिनय क्षमता से समृद्ध करने वाले ममूटी का यह बयान इस बात को रेखांकित करता है कि पद्म पुरस्कार केवल उपलब्धियों का लेखा-जोखा नहीं, बल्कि राष्ट्र और नागरिकों के बीच भावनात्मक जुड़ाव का भी प्रतीक हैं। इन सभी घोषणाओं के साथ सरकार ने पद्म पुरस्कार 2026 की पूर्ण सूची भी सार्वजनिक कर दी है, जिसने यह स्पष्ट कर दिया है कि यह सम्मान विविध क्षेत्रों, विचारधाराओं और जीवन-संघर्षों को समान रूप से मान्यता देने का माध्यम है।
पद्म पुरस्कार 2026: कृषि, खेल, सिनेमा और ‘अनसंग हीरोज़’ को मिला राष्ट्रीय सम्मान
आठ कृषि विशेषज्ञ | पद्म पुरस्कार 2026
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भारत सरकार ने वर्ष 2026 में आठ कृषि विशेषज्ञों को पद्म पुरस्कार देकर यह स्पष्ट किया है कि कृषि नवाचार, टिकाऊ खेती और किसान-केंद्रित अनुसंधान अब राष्ट्रीय प्राथमिकता के केंद्र में हैं। इन विशेषज्ञों ने आधुनिक तकनीक, जल-संरक्षण, जैविक खेती और ग्रामीण आजीविका को मजबूत करने में निर्णायक भूमिका निभाई है। यह सम्मान भारतीय कृषि को आत्मनिर्भर और भविष्य-सुरक्षित बनाने की दिशा में उनके योगदान की औपचारिक स्वीकृति है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी | पद्म पुरस्कार विजेताओं को बधाई
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सभी पद्म पुरस्कार विजेताओं को बधाई देते हुए कहा कि उनकी उत्कृष्टता, समर्पण और सेवा भावना भारत के सामाजिक ताने-बाने को समृद्ध करती है। उन्होंने सोशल मीडिया पोस्ट में यह भी रेखांकित किया कि ये सम्मान देश के युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत हैं। प्रधानमंत्री का संदेश पद्म पुरस्कारों के नैतिक और राष्ट्रीय महत्व को और मजबूत करता है।
रोहित शर्मा | पद्म श्री (खेल)
हरमनप्रीत कौर | पद्म श्री (खेल)
भारतीय महिला क्रिकेट टीम की कप्तान हरमनप्रीत कौर को पद्म श्री देकर सरकार ने महिला खेलों में बढ़ती वैश्विक पहचान को रेखांकित किया है। उनके आक्रामक खेल और नेतृत्व ने महिला क्रिकेट को नई ऊँचाइयों तक पहुँचाया। यह सम्मान खेलों में लैंगिक समानता और प्रेरणादायक नेतृत्व का प्रतीक है।
आर. माधवन | पद्म श्री (कला)
अभिनेता आर. माधवन को भारतीय सिनेमा में बहुभाषीय और विविध भूमिकाओं के लिए पद्म श्री प्रदान किया गया है। उन्होंने हिंदी, तमिल और अंतरराष्ट्रीय सिनेमा में अपनी सशक्त उपस्थिति दर्ज कराई है। यह सम्मान उनकी बौद्धिक छवि और सामाजिक रूप से संवेदनशील सिनेमा को मान्यता देता है।
प्रोसेनजीत चटर्जी | पद्म श्री (कला)
बंगाली सिनेमा के स्तंभ प्रोसेनजीत चटर्जी को पद्म श्री से सम्मानित किया गया है। दशकों तक उन्होंने समानांतर और व्यावसायिक सिनेमा के बीच सेतु का कार्य किया। यह सम्मान क्षेत्रीय सिनेमा की राष्ट्रीय स्वीकृति का संकेत है।
ममूटी | पद्म भूषण
मलयालम सिनेमा के महानायक ममूटी को पद्म भूषण से सम्मानित किया गया है। चार दशकों से अधिक के करियर में उन्होंने भारतीय सिनेमा को गहराई, गरिमा और सामाजिक चेतना प्रदान की। ममूटी ने इसे “देश द्वारा मिला सर्वोच्च भावनात्मक सम्मान” बताया।
अलका याज्ञनिक | पद्म भूषण
प्रसिद्ध पार्श्वगायिका अलका याज्ञनिक को भारतीय संगीत में अतुलनीय योगदान के लिए पद्म भूषण दिया गया है। उनकी आवाज़ 90 के दशक की संगीत पहचान बन चुकी है। यह सम्मान भारतीय फिल्म संगीत की स्वर्णिम विरासत को श्रद्धांजलि है।
शिबू सोरेन | पद्म भूषण (मरणोपरांत)
झारखंड मुक्ति मोर्चा के संस्थापक शिबू सोरेन को जनजातीय अधिकारों और सामाजिक न्याय के लिए संघर्ष हेतु मरणोपरांत पद्म भूषण दिया गया। उनका राजनीतिक जीवन आदिवासी अस्मिता की आवाज़ रहा है। यह सम्मान क्षेत्रीय राजनीति के राष्ट्रीय महत्व को दर्शाता है।
वी. एस. अच्युतानंदन | पद्म विभूषण (मरणोपरांत)
केरल के पूर्व मुख्यमंत्री वी. एस. अच्युतानंदन को उनके आजीवन ईमानदार सार्वजनिक जीवन के लिए पद्म विभूषण से सम्मानित किया गया। वे सिद्धांतनिष्ठ राजनीति और जनहित की मिसाल रहे। यह सम्मान नैतिक राजनीति का राष्ट्रीय स्मरण है।
धर्मेंद्र | पद्म विभूषण (मरणोपरांत)
हिंदी सिनेमा के दिग्गज अभिनेता धर्मेंद्र को मरणोपरांत पद्म विभूषण प्रदान किया गया है। उन्होंने भारतीय सिनेमा को लोकप्रियता, संवेदना और स्टारडम का नया आयाम दिया। यह सम्मान सिनेमा के स्वर्ण युग को समर्पित है।
अनके गौड़ा | पद्म श्री (अनसंग हीरो)
पूर्व बस कंडक्टर अनके गौड़ा ने दुनिया की सबसे बड़ी मुफ्त लाइब्रेरी ‘पुस्तक माने’ स्थापित की। दो मिलियन से अधिक पुस्तकों के साथ यह ज्ञान का लोकतांत्रिक केंद्र बन चुका है। उनका सम्मान शिक्षा के सामाजिक विस्तार का प्रतीक है।
आई. एम. विजयन | पद्म श्री (खेल)
[Image: I.M. Vijayan football action shot]
भारतीय फुटबॉल के महान खिलाड़ी आई. एम. विजयन को पद्म श्री से सम्मानित किया गया है। उनकी सादगी और गोल-स्कोरिंग क्षमता आज भी प्रेरणा है। यह सम्मान भारतीय फुटबॉल की ऐतिहासिक विरासत को मान्यता देता है।
पद्म पुरस्कार 2025: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने 71 विशिष्ट हस्तियों को किया सम्मानित
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू | पद्म पुरस्कार समारोह 2025
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने वर्ष 2025 के पद्म पुरस्कार समारोह में 71 विशिष्ट व्यक्तित्वों को राष्ट्रपति भवन में सम्मानित किया। यह भव्य समारोह 28 अप्रैल को आयोजित हुआ, जिसमें कला, उद्योग, राजनीति, साहित्य, सिनेमा और जनसेवा के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान देने वालों को राष्ट्र की ओर से सम्मान प्रदान किया गया। यह आयोजन भारत के सर्वोच्च नागरिक सम्मान की गरिमा और परंपरा का प्रतीक रहा।
ओसामु सुज़ुकी | पद्म सम्मान (मरणोपरांत)
सुज़ुकी मोटर कॉर्पोरेशन के पूर्व प्रमुख ओसामु सुज़ुकी को भारतीय ऑटोमोबाइल उद्योग में ऐतिहासिक योगदान के लिए मरणोपरांत पद्म सम्मान प्रदान किया गया। भारत में किफायती कार संस्कृति को जन-जन तक पहुँचाने में उनकी भूमिका निर्णायक रही। उनका योगदान भारत-जापान औद्योगिक साझेदारी की मजबूत नींव के रूप में देखा जाता है।
पंकज उधास | पद्म सम्मान (मरणोपरांत)
ग़ज़ल सम्राट पंकज उधास को भारतीय संगीत में अतुलनीय योगदान के लिए मरणोपरांत पद्म सम्मान दिया गया। उनकी आवाज़ ने ग़ज़ल को शास्त्रीय सीमाओं से निकालकर आम श्रोताओं के दिलों तक पहुँचाया। यह सम्मान भारतीय संगीत की संवेदनशील और साहित्यिक परंपरा को राष्ट्रीय श्रद्धांजलि है।
सुशील कुमार मोदी | पद्म सम्मान (मरणोपरांत)
बिहार के पूर्व उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी को सार्वजनिक जीवन, प्रशासनिक सुधार और राजनीतिक स्थिरता में योगदान के लिए मरणोपरांत पद्म सम्मान प्रदान किया गया। वे भारतीय राजनीति में नीति-आधारित संवाद और संस्थागत मजबूती के समर्थक रहे। यह सम्मान उनके दीर्घकालिक सार्वजनिक सेवा जीवन की औपचारिक स्वीकृति है।
शेखर कपूर | पद्म सम्मान
अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त फिल्म निर्देशक शेखर कपूर को भारतीय सिनेमा को वैश्विक पहचान दिलाने के लिए पद्म सम्मान से नवाज़ा गया। ‘बैंडिट क्वीन’ और ‘एलिज़ाबेथ’ जैसी फिल्मों के माध्यम से उन्होंने भारतीय कथाओं को विश्व मंच पर प्रस्तुत किया। यह सम्मान रचनात्मक साहस और वैश्विक दृष्टि का प्रतीक है।
लक्ष्मीपति रामासुब्बैयार | पद्म सम्मान
[Image: Lakshmipathy Ramasubbaiyer Dinamalar office image]
तमिल दैनिक दिनमलर के प्रकाशक लक्ष्मीपति रामासुब्बैयार को पत्रकारिता और मीडिया क्षेत्र में दीर्घकालिक योगदान के लिए पद्म सम्मान दिया गया। उन्होंने क्षेत्रीय भाषा पत्रकारिता को व्यावसायिक मजबूती और सामाजिक प्रभाव प्रदान किया। यह सम्मान स्वतंत्र और प्रभावी मीडिया की भूमिका को रेखांकित करता है।
अजित कुमार | पद्म भूषण (कला)
अजित कुमार को पद्म भूषण से सम्मानित किया गया
तमिल सिनेमा के सुपरस्टार अजित कुमार को भारत सरकार द्वारा पद्म भूषण, देश का तीसरा सर्वोच्च नागरिक सम्मान, प्रदान किया गया। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने उन्हें राष्ट्रपति भवन में यह सम्मान सौंपा। अजित कुमार ने इसे अप्रत्याशित बताते हुए सरकार और प्रशंसकों के प्रति आभार व्यक्त किया।
पद्म पुरस्कार 2025: परंपरा, प्रतिष्ठा और राष्ट्रीय सम्मान
पद्म पुरस्कार 2025 | श्रेणियाँ और महत्व














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