नई दिल्ली |11 जनवरी 2026 |✍🏻 Z S Razzaqi |वरिष्ठ पत्रकार
सरकारी सूत्रों के अनुसार, X ने सरकार को आश्वासन दिया है कि भविष्य में उसके प्लेटफॉर्म पर अश्लील, आपत्तिजनक और महिलाओं को अपमानित करने वाला कंटेंट न तो होस्ट किया जाएगा और न ही AI टूल्स के माध्यम से उत्पन्न होने दिया जाएगा।
इलेक्ट्रॉनिक्स मंत्रालय की सख़्त आपत्ति
करीब एक सप्ताह पहले इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) ने X कॉर्प को एक औपचारिक नोटिस जारी कर 72 घंटे के भीतर एक्शन टेकन रिपोर्ट मांगी थी। मंत्रालय ने स्पष्ट शब्दों में कहा था कि:
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Grok और xAI की अन्य सेवाओं का इस्तेमाल
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अश्लील, नग्न, अभद्र और यौन रूप से स्पष्ट कंटेंट
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विशेषकर महिलाओं की गरिमा को ठेस पहुँचाने वाली तस्वीरें और वीडियो
बनाने और फैलाने के लिए किया जा रहा है
मंत्रालय ने चेताया था कि यदि तत्काल अनुपालन नहीं हुआ, तो इसे गंभीर उल्लंघन माना जाएगा और इसके लिए कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
महिलाओं की गरिमा और AI का दुरुपयोग
सरकारी पत्र में विशेष रूप से इस बात पर ज़ोर दिया गया कि कुछ यूज़र्स Grok के ज़रिये फर्जी अकाउंट बनाकर महिलाओं की तस्वीरों को एडिट कर रहे हैं या AI-सिंथेटिक इमेज और वीडियो तैयार कर उन्हें आपत्तिजनक ढंग से साझा कर रहे हैं।
पत्र में कहा गया कि:
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यह केवल फर्जी अकाउंट्स तक सीमित मामला नहीं है
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वास्तविक महिलाओं की तस्वीरों को भी AI प्रॉम्प्ट्स और मैनिपुलेशन के ज़रिये विकृत किया जा रहा है
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यह प्लेटफॉर्म स्तर पर निगरानी और सुरक्षा व्यवस्था की गंभीर विफलता को दर्शाता है
सरकार के अनुसार, यह आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का घोर दुरुपयोग है, जो मौजूदा भारतीय कानूनों का खुला उल्लंघन करता है।
Grok की गवर्नेंस और तकनीकी ढांचे की समीक्षा का आदेश
मंत्रालय ने X को निर्देश दिया है कि वह:
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Grok के तकनीकी ढांचे की व्यापक समीक्षा करे
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AI से बनने वाले कंटेंट पर सख़्त फ़िल्टर और सेफगार्ड्स लागू करे
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नियमों का उल्लंघन करने वाले यूज़र्स पर तत्काल सस्पेंशन या अकाउंट टर्मिनेशन की नीति अपनाए
सरकार का स्पष्ट कहना है कि AI टूल्स को “फ्री-स्पीच” के नाम पर कानून से ऊपर नहीं रखा जा सकता।
क़ानूनी परिणामों की चेतावनी
मंत्रालय ने X को यह भी आगाह किया है कि यदि भविष्य में ऐसे मामलों पर प्रभावी नियंत्रण नहीं किया गया, तो:
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आईटी एक्ट की धारा 79 के तहत मिलने वाला सेफ हार्बर समाप्त किया जा सकता है
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भारतीय न्याय संहिता
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महिलाओं का अश्लील प्रतिनिधित्व निषेध अधिनियम
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POCSO एक्ट
के तहत दंडात्मक कार्रवाई शुरू की जा सकती है
यह कार्रवाई केवल कंपनी तक सीमित नहीं होगी, बल्कि जिम्मेदार अधिकारियों पर भी लागू हो सकती है।
डिजिटल प्लेटफॉर्म्स के लिए स्पष्ट संदेश
इस पूरे घटनाक्रम को भारत सरकार की ओर से डिजिटल प्लेटफॉर्म्स और AI कंपनियों के लिए एक स्पष्ट संदेश के रूप में देखा जा रहा है कि:
तकनीक की आज़ादी के साथ ज़िम्मेदारी अनिवार्य है
X द्वारा की गई हालिया कार्रवाई फिलहाल सरकार की चेतावनी के बाद उठाया गया एक तत्काल कदम है, लेकिन आने वाले समय में यह देखा जाएगा कि क्या प्लेटफॉर्म वास्तव में स्थायी और प्रभावी नियंत्रण तंत्र विकसित करता है या नहीं।
