16 जनवरी 2026 |✍🏻 Z S Razzaqi | अंतरराष्ट्रीय विश्लेषक एवं वरिष्ठ पत्रकार
ईरान में लगातार बिगड़ते हालात और देशव्यापी अशांति के बीच भारत सरकार ने वहां फंसे अपने नागरिकों की सुरक्षित वापसी की दिशा में ठोस कदम उठाने शुरू कर दिए हैं। विदेश मंत्रालय (MEA) ने स्पष्ट किया है कि ईरान में रह रहे भारतीय नागरिकों को स्वदेश लाने के लिए आपातकालीन निकासी योजना पर काम चल रहा है और इसी क्रम में तेहरान से दिल्ली के लिए पहली विशेष उड़ान कल रवाना होने वाली है।
विदेश मंत्रालय की तैयारी, हालात पर करीबी नजर
सूत्रों के अनुसार, विदेश मंत्रालय ईरान में तेजी से बदल रही सुरक्षा स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है। मंत्रालय ने कहा है कि जो भारतीय नागरिक स्वेच्छा से भारत लौटना चाहते हैं, उनकी सुरक्षित वापसी सुनिश्चित करने के लिए सभी आवश्यक इंतज़ाम किए जा रहे हैं। यह फैसला ऐसे समय में लिया गया है जब ईरान में बीते दो हफ्तों से अधिक समय से व्यापक विरोध-प्रदर्शन जारी हैं और हालात लगातार तनावपूर्ण होते जा रहे हैं।
भारतीय दूतावास की एडवाइजरी, पंजीकरण पर जोर
ईरान स्थित भारतीय दूतावास ने पहले ही एक सख्त एडवाइजरी जारी करते हुए सभी भारतीय नागरिकों—चाहे वे छात्र हों, तीर्थयात्री हों, कारोबारी हों या पर्यटक—से तत्काल दूतावास में पंजीकरण कराने की अपील की थी। हालांकि, ईरान में इंटरनेट सेवाओं पर आंशिक और कई जगह पूर्ण प्रतिबंध के चलते पंजीकरण प्रक्रिया धीमी रही है।
इसी को ध्यान में रखते हुए विदेश मंत्रालय ने भारत में मौजूद परिजनों को भी राहत दी है। परिवार के सदस्य अपने ईरान में रह रहे रिश्तेदारों की ओर से MEA के ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से पंजीकरण करा सकते हैं, ताकि निकासी प्रक्रिया में कोई देरी न हो।
‘किसी भी उपलब्ध साधन से देश छोड़ें’
भारतीय दूतावास ने अपनी एडवाइजरी में साफ कहा है कि मौजूदा हालात को देखते हुए भारतीय नागरिकों को किसी भी उपलब्ध साधन, विशेषकर वाणिज्यिक उड़ानों के जरिए, ईरान छोड़ने की कोशिश करनी चाहिए। इसके साथ ही आपात स्थिति में सहायता के लिए दूतावास ने चार हेल्पलाइन नंबर भी सक्रिय किए हैं, ताकि संकट की घड़ी में भारतीय नागरिक सीधे संपर्क कर सकें।
हवाई क्षेत्र खुला, पहली निकासी उड़ान तय
ईरान द्वारा अस्थायी रूप से बंद किया गया नागरिक हवाई क्षेत्र अब फिर से खोला जा चुका है। इसी के बाद भारत सरकार ने निकासी अभियान को औपचारिक रूप देने का फैसला किया। अधिकारियों के मुताबिक, तेहरान से
दिल्ली के लिए पहली निकासी उड़ान कल निर्धारित की गई है।
इस उड़ान में प्राथमिकता के आधार पर छात्रों को शामिल किया जा रहा है। दूतावास ने सभी भारतीय छात्रों का डेटा, पासपोर्ट विवरण और संपर्क जानकारी पहले ही एकत्र कर ली है। गोलस्तान यूनिवर्सिटी के छात्रों के साथ-साथ SBUMS और TUMS के कुछ छात्र भी इस पहले बैच में शामिल हो सकते हैं। छात्रों को सुबह 8 बजे तक तैयार रहने को कहा गया है। अंतिम यात्री सूची देर रात तक साझा की जाएगी।
आर्थिक संकट से राजनीतिक विरोध तक
ईरान में मौजूदा अशांति की जड़ें गहरे आर्थिक संकट में हैं। राष्ट्रीय मुद्रा के तेज़ी से गिरते मूल्य, बढ़ती महंगाई और खराब होती जीवन स्थितियों ने आम जनता में भारी असंतोष पैदा किया। धीरे-धीरे ये प्रदर्शन केवल आर्थिक मांगों तक सीमित न रहकर शासन व्यवस्था और धार्मिक नेतृत्व के खिलाफ व्यापक विरोध में बदल गए।
सरकार पर आर्थिक कुप्रबंधन और व्यक्तिगत स्वतंत्रताओं पर कठोर पाबंदियों के आरोप लग रहे हैं, जिससे हालात और विस्फोटक हो गए हैं।
भारत में परिजनों को राहत
इस निकासी निर्णय से खासतौर पर जम्मू-कश्मीर सहित देश के कई हिस्सों में रहने वाले उन परिवारों को बड़ी राहत मिली है, जिनके बच्चे और परिजन ईरान में पढ़ाई या अन्य कार्यों के लिए रह रहे हैं। लंबे समय से सुरक्षा को लेकर चिंतित परिवार अब सरकार की इस सक्रिय पहल से कुछ सुकून महसूस कर रहे हैं।
आगे भी जारी रह सकता है निकासी अभियान
सरकारी सूत्रों का कहना है कि यदि हालात में जल्द सुधार नहीं होता, तो आने वाले दिनों में और भी विशेष उड़ानों के जरिए भारतीय नागरिकों को स्वदेश लाया जा सकता है। विदेश मंत्रालय और भारतीय दूतावास समन्वय के साथ स्थिति के अनुसार अगला कदम तय करेंगे।
कुल मिलाकर, ईरान में जारी अस्थिरता के बीच भारत सरकार का यह कदम न केवल त्वरित है बल्कि अपने नागरिकों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने की नीति को भी रेखांकित करता है।
