10 जनवरी 2026 | मोहम्मद सलीम क्रिकेट रिपोर्टर
भारत में खेलने को लेकर ICC के सामने सुरक्षा और भरोसे की बड़ी परीक्षा
T20 वर्ल्ड कप 2026 शुरू होने में अब एक महीने से भी कम समय बचा है, लेकिन टूर्नामेंट से पहले ही अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (ICC) के सामने एक गंभीर और संवेदनशील चुनौती खड़ी हो गई है। बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड (BCB) ने दूसरी बार औपचारिक रूप से ICC को पत्र लिखकर साफ कर दिया है कि वह भारत में T20 वर्ल्ड कप के अपने मैच खेलने को लेकर असहज महसूस कर रहा है।
बांग्लादेश की टीम को ग्रुप स्टेज के तहत भारत में चार मुकाबले खेलने हैं, लेकिन BCB की मांग है कि इन मैचों को श्रीलंका स्थानांतरित किया जाए, या फिर कम से कम टीम के हर सदस्य के लिए व्यक्तिगत सुरक्षा गारंटी सुनिश्चित की जाए।
सिर्फ़ वेन्यू विवाद नहीं, गहराता अविश्वास
ऊपर से देखने पर यह मामला सिर्फ़ मैच वेन्यू और लॉजिस्टिक्स का लग सकता है, लेकिन वास्तविकता इससे कहीं ज़्यादा गहरी है। बांग्लादेश के भीतर इस मुद्दे को राष्ट्रीय सम्मान और क्रिकेटीय पहचान से जोड़कर देखा जा रहा है।
हाल के महीनों में कई घटनाओं ने बांग्लादेशी क्रिकेट समुदाय की आशंकाओं को बढ़ाया है। खास तौर पर स्टार गेंदबाज़ मुस्ताफ़िज़ुर रहमान को IPL से बाहर किए जाने को बांग्लादेश में एक अलग नज़रिए से देखा गया। वहाँ इसे महज़ एक चयन निर्णय नहीं, बल्कि बांग्लादेशी क्रिकेट को हाशिए पर धकेले जाने की भावना के तौर पर लिया गया।
BCB की मुख्य मांग क्या है?
भावनाओं से अलग हटकर देखें तो BCB की मांग बेहद स्पष्ट है — सुरक्षा।
सूत्रों के मुताबिक, बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड चाहता है कि भारत आने वाले हर व्यक्ति के लिए अलग-अलग सुरक्षा आश्वासन दिया जाए। इसमें शामिल हैं:
-
खिलाड़ी
-
कोचिंग स्टाफ
-
सपोर्ट स्टाफ
-
टीम अधिकारी और बोर्ड प्रतिनिधि
यानी पूरा वर्ल्ड कप कॉन्टिंजेंट।
ICC ने इस पर अपना सुरक्षा ब्लूप्रिंट साझा किया है और भरोसा दिलाया है कि सभी अंतरराष्ट्रीय मानकों का पालन किया जाएगा, लेकिन अंतिम निर्णय BCB पर छोड़ दिया गया है।
ICC के सामने गंभीर लॉजिस्टिक संकट
ICC की समस्या भी कम नहीं है।
T20 वर्ल्ड कप का पूरा शेड्यूल पहले से तय है।
-
ब्रॉडकास्टर्स के साथ अरबों रुपये के समझौते
-
कई शहरों में मैचों की तैयारियाँ
-
सुरक्षा, ट्रैवल और होटल व्यवस्थाएँ
ऐसे में किसी एक टीम के लिए विशेष छूट देना ICC के लिए आसान नहीं है। अगर बांग्लादेश के लिए वेन्यू बदला गया, तो यह एक ऐसा उदाहरण बन सकता है जिसे भविष्य में रोकना मुश्किल होगा।
सूत्रों का कहना है कि ICC अभी भी मध्य मार्ग तलाशने की कोशिश कर रहा है, लेकिन समय तेज़ी से निकलता जा रहा है।
बांग्लादेश में क्रिकेट सिर्फ़ खेल नहीं
बांग्लादेश में क्रिकेट मनोरंजन भर नहीं है।
यह वहाँ की सामूहिक भावना, पहचान और उम्मीदों से जुड़ा हुआ है।
अगर बांग्लादेश वर्ल्ड कप से हटता है, तो इसे सिर्फ़ एक प्रशासनिक फैसला नहीं माना जाएगा। यह करोड़ों प्रशंसकों के लिए एक गहरा भावनात्मक झटका होगा, जैसे “बंगाल टाइगर्स” को उनकी सबसे बड़ी लड़ाई से दूर कर दिया गया हो।
क्या हैं संभावित परिणाम?
अगर बांग्लादेश भारत आने से इनकार करता है, तो ICC के नियमों के तहत:
-
मैचों में वॉकओवर
-
ग्रुप स्टेज में अंक गंवाने
-
भारी आर्थिक नुकसान
जैसे परिणाम सामने आ सकते हैं।
लेकिन दूसरी ओर, BCB का तर्क भी मज़बूत है —
खिलाड़ियों की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया जा सकता, चाहे डर वास्तविक हो या आशंका पर आधारित।
बोर्ड जानता है कि अगर कोई छोटी-सी भी अप्रिय घटना होती है, तो उसका असर क्रिकेट से कहीं आगे तक जाएगा।
शक्ति संघर्ष नहीं, भरोसे की लड़ाई
यह टकराव सत्ता या दबदबे का नहीं है।
यह सवाल है भरोसे का।
-
कितना भरोसा अभी बाकी है?
-
कितनी सुरक्षा पर्याप्त मानी जाएगी?
-
क्या वैश्विक कैलेंडर और मानवीय आशंकाएँ साथ चल सकती हैं?
बांग्लादेश की मंशा वर्ल्ड कप खेलने की है, इसमें कोई संदेह नहीं। लेकिन आने वाले कुछ दिन तय करेंगे कि क्या आश्वासन डर पर भारी पड़ पाते हैं, या यह विवाद क्रिकेट से परे एक स्थायी कड़वाहट छोड़ जाएगा।
निष्कर्ष:-
अब सबकी निगाहें इस पर टिकी हैं कि क्या बातचीत समाधान तक पहुँचती है, या क्रिकेट एक बार फिर राजनीति और असुरक्षा के साए में खेलने को मजबूर होगा।
