संभल 8 सितम्बर 2026:✍🏻 Z S Razzaqi | वरिष्ठ पत्रकार
कार्यक्रम के दौरान युवा नेता शिफ़त ज़ेहरा ने कहा कि जनता को ऐसे प्रतिनिधियों को आगे बढ़ाना चाहिए जो शिक्षित होने के साथ-साथ समाज की समस्याओं को समझते हों और लोगों के बीच रहकर उनके हितों के लिए काम करने की क्षमता रखते हों। उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधित्व केवल राजनीतिक पद प्राप्त करने का माध्यम नहीं, बल्कि जनता के प्रति जिम्मेदारी और जवाबदेही का दायित्व है।
उन्होंने कहा कि क्षेत्र के विकास के लिए ऐसे नेतृत्व की आवश्यकता है जो शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, महिलाओं की सुरक्षा, युवाओं के भविष्य और बुनियादी नागरिक सुविधाओं जैसे मुद्दों को गंभीरता से समझे। जनता को अपने मताधिकार का प्रयोग सोच-समझकर करना चाहिए और उम्मीदवार के व्यक्तित्व, सामाजिक योगदान तथा जनसेवा के रिकॉर्ड को ध्यान में रखते हुए निर्णय लेना चाहिए।
ताराचंद रहे कार्यक्रम के संयुक्त संयोजक
सम्मान समारोह के संयुक्त संयोजक ताराचंद रहे। कार्यक्रम को व्यवस्थित रूप से संपन्न कराने में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही। समारोह के आयोजन और व्यवस्थाओं में समाज के कई लोगों ने सहयोग किया।
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| कार्यक्रम के दौरान युवा नेता शिफ़त ज़ेहरा समाज सेवी मिस्बा उर रहमान |
इस अवसर पर श्री प्रसाद, समाज सेवी मिस्बा उर रहमान और वासिफ़ पाशा ने विशेष योगदान दिया। आयोजन को सफल बनाने में उनके सहयोग की उपस्थित लोगों ने सराहना की। कार्यक्रम के दौरान सामाजिक एकजुटता, आपसी सहयोग और समाज के विभिन्न वर्गों की भागीदारी पर भी जोर दिया गया।
महिला वक्ताओं ने भी रखे अपने विचार
कार्यक्रम की एक महत्वपूर्ण विशेषता यह रही कि इसमें महिलाओं की सक्रिय भागीदारी देखने को मिली। नईम साहब, रानी, निर्मला, सरिता सहित कई महिला वक्ताओं ने अपने विचार रखे और सामाजिक एवं जनहित से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर अपनी बात सामने रखी।
महिला वक्ताओं ने कहा कि समाज के विकास में महिलाओं की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है। महिलाओं को केवल सामाजिक गतिविधियों तक सीमित रखने के बजाय शिक्षा, रोजगार, सामाजिक नेतृत्व और लोकतांत्रिक निर्णय प्रक्रिया में भी उनकी भागीदारी बढ़ाई जानी चाहिए।
वक्ताओं ने कहा कि महिलाओं और युवाओं की सक्रिय भागीदारी से समाज में सकारात्मक बदलाव की प्रक्रिया को गति मिल सकती है। उन्होंने शिक्षा को सामाजिक विकास का महत्वपूर्ण आधार बताते हुए कहा कि शिक्षित समाज ही अपने अधिकारों और जिम्मेदारियों को बेहतर ढंग से समझ सकता है।
शिक्षा और समाजसेवा को बनाया जाए नेतृत्व का आधार
सम्मान समारोह में वक्ताओं ने कहा कि वर्तमान समय में राजनीतिक और सामाजिक नेतृत्व के लिए केवल प्रभावशाली व्यक्तित्व पर्याप्त नहीं है। जनता को ऐसे लोगों को प्राथमिकता देनी चाहिए जो समस्याओं को समझने के साथ-साथ उनके समाधान के लिए निरंतर प्रयास करने की क्षमता रखते हों।
शिफ़त ज़ेहरा ने कहा कि जनप्रतिनिधि का वास्तविक मूल्यांकन चुनाव के दौरान किए गए वादों से नहीं, बल्कि जनता के प्रति उसकी उपलब्धता, व्यवहार और काम करने की प्रतिबद्धता से होना चाहिए। उन्होंने कहा कि समाज को ऐसे नेतृत्व की जरूरत है जो लोगों के बीच रहकर उनकी समस्याएं सुने और संबंधित अधिकारियों तथा संस्थाओं के सामने उनकी आवाज प्रभावी ढंग से उठाए।
उन्होंने कहा कि सड़क, जल निकासी, स्वच्छता, शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और अन्य स्थानीय समस्याएं सीधे आम नागरिक के जीवन को प्रभावित करती हैं। इन मुद्दों पर गंभीरता से काम करने के लिए जिम्मेदार और जागरूक जनप्रतिनिधित्व आवश्यक है।
वार्ड नंबर 34 से अपना दल की प्रत्याशी हैं शिफ़त ज़ेहरा
कार्यक्रम के दौरान यह भी बताया गया कि शिफ़त ज़ेहरा अपना दल की ओर से वार्ड नंबर 34 की जिला प्रत्याशी के रूप में चुनावी मैदान में हैं। इसी राजनीतिक पृष्ठभूमि में आयोजित सम्मान समारोह में उनके सामाजिक और राजनीतिक योगदान तथा जनप्रतिनिधित्व से जुड़े विचारों पर चर्चा हुई।
कार्यक्रम में वक्ताओं ने कहा कि चुनाव लोकतंत्र का महत्वपूर्ण पर्व है और इसमें प्रत्येक मतदाता की भूमिका निर्णायक होती है। मतदाताओं को किसी भी प्रत्याशी के संबंध में निर्णय लेते समय उसके विचारों, सामाजिक सक्रियता, जनसेवा और क्षेत्र के प्रति दृष्टिकोण को समझना चाहिए।
जनता का मत ही लोकतंत्र की सबसे बड़ी ताकत
समारोह में वक्ताओं ने कहा कि लोकतंत्र की मजबूती के लिए जागरूक मतदाता जरूरी हैं। जनता को अपने मताधिकार का इस्तेमाल किसी दबाव या व्यक्तिगत प्रभाव में नहीं, बल्कि क्षेत्र और समाज के व्यापक हित को ध्यान में रखकर करना चाहिए।
उन्होंने कहा कि एक अच्छा जनप्रतिनिधि वह होता है जो चुनाव के बाद भी जनता के बीच बना रहे और लोगों की समस्याओं को संबंधित स्तर तक पहुंचाने के लिए निरंतर प्रयास करे। जनता और जनप्रतिनिधि के बीच संवाद मजबूत होने से स्थानीय समस्याओं के समाधान की प्रक्रिया भी अधिक प्रभावी हो सकती है।
कार्यक्रम में मौजूद लोगों ने सामाजिक एकजुटता और आपसी सहयोग को मजबूत करने की आवश्यकता पर भी जोर दिया। वक्ताओं ने कहा कि समाज के विकास के लिए केवल राजनीतिक नेतृत्व ही नहीं, बल्कि सामाजिक संगठनों, युवाओं, महिलाओं और आम नागरिकों की सक्रिय भागीदारी भी जरूरी है।
सम्मान समारोह ने दिया सामाजिक भागीदारी का संदेश
सैनी समाज द्वारा आयोजित इस सम्मान समारोह में शिफ़त ज़ेहरा के सम्मान के साथ-साथ सामाजिक और लोकतांत्रिक भागीदारी को लेकर भी व्यापक चर्चा हुई। कार्यक्रम में मौजूद वक्ताओं ने शिक्षा, समाजसेवा और जिम्मेदार जनप्रतिनिधित्व को समाज के विकास का महत्वपूर्ण आधार बताया।
संयुक्त संयोजक ताराचंद तथा कार्यक्रम में विशेष योगदान देने वाले श्री प्रसाद, मिस्बा उर रहमान और वसीफ पाशा सहित आयोजन से जुड़े लोगों के प्रयासों की सराहना की गई। वहीं नईम साहब, रानी, निर्मला, सरिता और अन्य महिला वक्ताओं ने अपने विचार रखते हुए सामाजिक विकास में महिलाओं की भागीदारी और जागरूकता के महत्व को रेखांकित किया।
कार्यक्रम के अंत में वक्ताओं ने जनता से अपील की कि वह अपने जनप्रतिनिधियों का चयन सोच-समझकर करे और ऐसे लोगों को अवसर दे जो शिक्षा, समाजसेवा, जनहित और जवाबदेही को अपनी प्राथमिकता मानते हों।
सम्मान समारोह के माध्यम से एक ओर जहां युवा नेता शिफ़त ज़ेहरा का सम्मान किया गया, वहीं दूसरी ओर शिक्षित, जागरूक और समाजसेवी नेतृत्व को प्रोत्साहित करने तथा लोकतांत्रिक प्रक्रिया में आम नागरिकों की सक्रिय भागीदारी बढ़ाने का संदेश भी दिया गया।


