2 जनवरी 2026 |✍🏻 Z S Razzaqi | अंतरराष्ट्रीय विश्लेषक एवं वरिष्ठ पत्रकार
स्विट्ज़रलैंड के विश्व-प्रसिद्ध स्की रिसॉर्ट क्रांस-मोंटाना में नए साल की खुशियां एक पल में मातम में बदल गईं। गुरुवार तड़के 1:30 बजे (स्थानीय समय), जब सैकड़ों लोग नए साल के स्वागत में डूबे हुए थे, तभी शहर के चर्चित “ले कॉन्स्टेलेशन” बार में अचानक भीषण आग भड़क उठी। आग इतनी तेज़ थी कि कुछ ही मिनटों में पूरा बार धुएं और लपटों में घिर गया, जिससे वहां मौजूद लोगों को बाहर निकलने तक का मौका नहीं मिला।
स्विस प्रशासन ने इस त्रासदी की आधिकारिक पुष्टि करते हुए बताया कि कम से कम 40 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 115 से अधिक लोग गंभीर रूप से घायल हैं। कई घायलों की हालत बेहद नाज़ुक बताई जा रही है और उन्हें विशेष निगरानी में रखा गया है। आशंका जताई जा रही है कि मृतकों की संख्या और बढ़ सकती है।
आधिकारिक बयान: पहली बार सामने आया मौत का आंकड़ा
वालैस कैंटनल पुलिस के कमांडर फ्रेडरिक गिसलर ने स्विस राष्ट्रपति गाय पार्मेलिन समेत वरिष्ठ अधिकारियों के साथ संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में पहली बार मृतकों और घायलों का आंकड़ा सार्वजनिक किया।
गिसलर ने कहा,
“अब तक हमने लगभग 40 मृतकों की पहचान की है और 115 लोग गंभीर रूप से घायल हैं। बचाव कार्य बेहद चुनौतीपूर्ण रहा।”
प्रेस कॉन्फ्रेंस में मौजूद वालैस कैंटन की अटॉर्नी जनरल बीट्रिस पिलू ने साफ शब्दों में कहा कि इस समय आग के कारणों पर कोई अंतिम निष्कर्ष निकालना संभव नहीं है। उन्होंने बताया कि बार का ढांचा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो चुका है और सुरक्षा कारणों से फॉरेंसिक विशेषज्ञ अभी मलबे के भीतर प्रवेश नहीं कर पाए हैं।
आतंकवादी हमले की आशंका खारिज
अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि इस घटना को किसी भी तरह का आतंकी हमला नहीं माना जा रहा है।
बीट्रिस पिलू ने कहा,
“इस समय इसे केवल एक आग की घटना के रूप में देखा जा रहा है। किसी हमले या साजिश की कोई पुष्टि नहीं है।”
आग कैसे लगी? शुरुआती संकेत
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, नए साल के जश्न के दौरान आतिशबाज़ी या पाइरोटेक्निक उपकरणों के इस्तेमाल से आग भड़कने की आशंका जताई जा रही है। हालांकि, पुलिस ने इसे अभी केवल एक प्रारंभिक अनुमान बताया है। वास्तविक कारणों की पुष्टि फॉरेंसिक जांच और तकनीकी रिपोर्ट आने के बाद ही की जाएगी।
बचाव कार्य और सुरक्षा व्यवस्था
हादसे के तुरंत बाद दमकल, पुलिस और मेडिकल टीमों को मौके पर भेजा गया। धुएं और मलबे के बीच फंसे लोगों को निकालने में घंटों का समय लगा।
प्रशासन ने पूरे इलाके को पूरी तरह सील कर दिया है और क्रांस-मोंटाना के ऊपर नो-फ्लाई ज़ोन लागू कर दिया गया है, ताकि राहत और जांच कार्यों में किसी तरह की बाधा न आए।
जश्न से शोक में बदला रिसॉर्ट शहर
क्रांस-मोंटाना, जो आमतौर पर अंतरराष्ट्रीय स्कीइंग और गोल्फ इवेंट्स के लिए जाना जाता है, रातों-रात स्विट्ज़रलैंड की सबसे भयावह त्रासदियों में से एक का प्रतीक बन गया। जहां कुछ घंटे पहले तक संगीत, रोशनी और जश्न था, वहीं अब एम्बुलेंस, शव वाहन और रोते-बिलखते लोग नज़र आ रहे हैं।
आने वाले आयोजनों पर सवाल
गौरतलब है कि क्रांस-मोंटाना इसी महीने FIS वर्ल्ड कप स्पीड स्कीइंग इवेंट की मेज़बानी करने वाला है। इस हादसे के बाद सुरक्षा इंतज़ामों, आयोजनों की समय-सारिणी और भीड़ प्रबंधन को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
राष्ट्रीय शोक और जांच का आश्वासन
स्विस सरकार और स्थानीय प्रशासन ने पीड़ित परिवारों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की है और भरोसा दिलाया है कि घटना की निष्पक्ष, गहन और पारदर्शी जांच की जाएगी। अधिकारियों का कहना है कि इस त्रासदी से सबक लेते हुए भविष्य में ऐसे आयोजनों की सुरक्षा व्यवस्था को और सख्त किया जाएगा।
नए साल की जिस रात को खुशियों और उम्मीदों का प्रतीक होना था, वही रात क्रांस-मोंटाना के लिए दर्द, मातम और सवालों से भरी बन गई।
