1 जनवरी 2026 |✍🏻 Z S Razzaqi | अंतरराष्ट्रीय विश्लेषक एवं वरिष्ठ पत्रकार
जैसे ही 31 दिसंबर 2025 की रात दुनिया के अलग-अलग हिस्सों में घड़ियाँ बारह बजाती गईं, मानव सभ्यता ने एक बार फिर समय के एक नए अध्याय—2026—में कदम रख दिया। यह सिर्फ़ कैलेंडर बदलने का क्षण नहीं था, बल्कि बीते वर्ष की स्मृतियों, संघर्षों, उपलब्धियों और अधूरे सपनों को समेटकर भविष्य की ओर बढ़ने का सामूहिक संकल्प भी था।
धरती के पूर्वी छोर से लेकर पश्चिमी गोलार्ध तक, अलग-अलग टाइम ज़ोन में नए साल का यह वैश्विक संक्रमण एक भव्य मानवीय उत्सव में तब्दील हो गया—जहाँ आतिशबाज़ी, संगीत, प्रार्थनाएँ, मौन और उम्मीदें एक साथ मौजूद रहीं।
टाइम ज़ोन के साथ आगे बढ़ता जश्न: 2026 की पहली दस्तक
हर साल की तरह, 2026 का स्वागत भी सबसे पहले एशिया-प्रशांत क्षेत्र में हुआ। जैसे-जैसे समय आगे बढ़ता गया, यह जश्न एक महाद्वीप से दूसरे महाद्वीप तक फैलता चला गया।
पहले समुद्री किनारों पर रोशनी फूटी, फिर ऐतिहासिक चौकों में, और अंत में अमेरिका के विशाल महानगरों में। यह दृश्य इस बात का प्रमाण था कि भौगोलिक दूरी के बावजूद, नए साल का उत्सव मानवता को एक सूत्र में बाँध देता है।
ऑस्ट्रेलिया: सिडनी से उठा वैश्विक जश्न का पहला परचम
ऑस्ट्रेलिया के सिडनी शहर ने एक बार फिर दुनिया को 2026 की पहली झलक दिखाई।
सिडनी हार्बर ब्रिज और ओपेरा हाउस के ऊपर आसमान में छूटती बहुरंगी आतिशबाज़ी ने यह स्पष्ट कर दिया कि नया साल आ चुका है। लाखों स्थानीय नागरिक और पर्यटक तटों पर जमा होकर इस ऐतिहासिक पल के साक्षी बने।
यह सिर्फ़ एक आतिशबाज़ी शो नहीं था, बल्कि वह क्षण था जब दुनिया ने 2026 की ओर पहली सामूहिक साँस ली।
मध्य-पूर्व: दुबई में आधुनिकता और भव्यता का संगम
संयुक्त अरब अमीरात के दुबई में नए साल का स्वागत आधुनिक भव्यता का प्रतीक बन गया।
दुनिया की सबसे ऊँची इमारत बुर्ज खलीफ़ा के चारों ओर आतिशबाज़ी और रोशनी का अद्भुत समन्वय देखने को मिला। गगनचुंबी इमारतों के बीच खड़े हज़ारों लोग, एक साथ उलटी गिनती करते हुए, 2026 में प्रवेश करते दिखे।
दुबई का यह जश्न तकनीक, पर्यटन और वैश्विक संस्कृति के मेल का सशक्त उदाहरण रहा।
रूस और यूरोप: ठंड के बावजूद उत्साह की गर्माहट
रूस की राजधानी मॉस्को में रेड स्क्वायर पर नए साल की रात पारंपरिक उल्लास के साथ मनाई गई। लोग झूलों, रोशनी और पारिवारिक समारोहों के बीच 2026 का स्वागत करते नज़र आए।
यूरोप के अन्य देशों में भी, सर्द मौसम और सुरक्षा प्रबंधों के बावजूद, सार्वजनिक स्थलों पर लोगों की मौजूदगी यह दर्शाती रही कि नया साल मनाने की मानवीय इच्छा हर परिस्थिति से बड़ी होती है।
यूक्रेन: संघर्ष के बीच उम्मीद की लौ
2026 का स्वागत हर जगह शोर-शराबे के साथ नहीं हुआ।
यूक्रेन की राजधानी कीव में रूस-यूक्रेन युद्ध की पृष्ठभूमि में, कर्फ़्यू और सीमाओं के बीच सादगीपूर्ण समारोह आयोजित हुए। लोग क्रिसमस ट्री के पास फुलझड़ियाँ जलाते हुए शांति की कामना करते दिखे।
यह दृश्य याद दिलाता है कि नया साल केवल जश्न नहीं, बल्कि उम्मीद का प्रतीक भी है—खासतौर पर उन समाजों के लिए जो संघर्ष से गुज़र रहे हैं।
वेटिकन: शांति, प्रार्थना और आत्मचिंतन
वेटिकन सिटी में नए साल का स्वागत किसी शोर-शराबे के बजाय प्रार्थना और मौन के साथ हुआ।
सेंट पीटर्स स्क्वायर में पोप लियो XIV ने ईसा मसीह के जन्मदृश्य के सामने प्रार्थना कर 2026 के लिए शांति, करुणा और मानवता के कल्याण का संदेश दिया।
यह आयोजन इस बात का प्रतीक बना कि नया साल केवल उत्सव नहीं, बल्कि आत्ममंथन और नैतिक दिशा तय करने का समय भी है।
एशिया: परंपरा और आधुनिक उत्सव साथ-साथ
एशिया के कई देशों में नए साल का स्वागत परंपरा और आधुनिकता के अनोखे मेल के साथ हुआ।
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जापान में टोक्यो के ज़ोजोजी बौद्ध मंदिर में लोग धार्मिक अनुष्ठानों और शांत वातावरण में नए साल में प्रवेश करते दिखे।
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चीन की राजधानी बीजिंग में शॉपिंग मॉल में आयोजित काउंटडाउन कार्यक्रम में संगीत, रोशनी और कंफ़ेटी के साथ 2026 का स्वागत हुआ।
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हॉन्गकॉन्ग के सेंट्रल डिस्ट्रिक्ट में हज़ारों लोगों ने सार्वजनिक समारोह में भाग लिया।
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थाईलैंड के बैंकॉक में नदी किनारे हुई आतिशबाज़ी ने पूरे शहर को रोशनी से भर दिया।
भारत: आस्था, प्रार्थना और नई शुरुआत का भाव
भारत में नए साल का स्वागत सांस्कृतिक विविधता के अनुरूप अलग-अलग रूपों में हुआ।
हैदराबाद के सेंटेनरी मेथोडिस्ट चर्च में विशेष प्रार्थना सभाओं के दौरान लोगों ने 2026 के लिए शांति, स्वास्थ्य और समृद्धि की कामना की।
देश के अन्य हिस्सों में मंदिरों, मस्जिदों, चर्चों और गुरुद्वारों में भी विशेष आयोजन हुए, जबकि बड़े शहरों में होटल, क्लब और सार्वजनिक स्थलों पर नियंत्रित लेकिन उत्साहपूर्ण जश्न देखने को मिला।
अमेरिका: वैश्विक जश्न का अंतिम पड़ाव
जब दुनिया के अधिकांश हिस्से 2026 में प्रवेश कर चुके थे, तब अमेरिका ने नए साल का स्वागत किया।
न्यूयॉर्क के टाइम्स स्क्वायर में पारंपरिक बॉल ड्रॉप समारोह एक बार फिर वैश्विक आकर्षण का केंद्र बना। लाखों लोगों की मौजूदगी में संगीत, रोशनी और लाइव परफॉर्मेंस के साथ उलटी गिनती हुई।
रयान सीक्रेस्ट और रीटा ओरा जैसे कलाकारों की मेज़बानी में यह कार्यक्रम 2026 के स्वागत का अंतिम और सबसे चर्चित पड़ाव रहा।
2026: सिर्फ़ नया साल नहीं, एक साझा उम्मीद
बेहतर भविष्य, शांति, स्थिरता और इंसानी गरिमा।
2026 का आगमन इसी सामूहिक उम्मीद के साथ हुआ—कि यह साल दुनिया के लिए केवल समय का नया अध्याय नहीं, बल्कि समझ, सहयोग और पुनर्निर्माण का वर्ष बने।


