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व्हाट्सऐप पर ‘घोस्ट पेयरिंग’ के ज़रिये हो रही है खतरनाक साइबर ठगी, जानिए कैसे मिनटों में हैक हो जाता है आपका अकाउंट और कैसे बचें

 नई दिल्ली। 29 दिसम्बर 2025 | ✍🏻 Z S Razzaqi |वरिष्ठ पत्रकार   

अगर आप व्हाट्सऐप का इस्तेमाल करते हैं, तो यह ख़बर आपके लिए बेहद ज़रूरी है। साइबर अपराधियों ने अब ठगी का एक नया और बेहद खतरनाक तरीका अपनाया है, जिसे ‘व्हाट्सऐप घोस्ट पेयरिंग’ कहा जा रहा है। इस धोखाधड़ी में न तो ओटीपी मांगा जाता है, न ही किसी तरह का कोड—और फिर भी आपका पूरा व्हाट्सऐप अकाउंट हैकर के कंट्रोल में चला जाता है।

तेलंगाना पुलिस और केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) ने इस नए साइबर फ्रॉड को लेकर देशभर में अलर्ट जारी किया है। पुलिस का कहना है कि यह तरीका पुराने साइबर स्कैम्स से कहीं ज़्यादा चालाक और खतरनाक है, क्योंकि इसमें यूज़र को यह एहसास तक नहीं होता कि उसका अकाउंट हैक हो चुका है।


क्या है ‘व्हाट्सऐप घोस्ट पेयरिंग’ स्कैम?

‘घोस्ट पेयरिंग’ दरअसल व्हाट्सऐप के Linked Devices (डिवाइस लिंकिंग) फीचर का गलत इस्तेमाल है। इसी फीचर की मदद से साइबर अपराधी बिना आपकी जानकारी के आपके व्हाट्सऐप अकाउंट को अपने डिवाइस से जोड़ लेते हैं।

हैदराबाद के पुलिस आयुक्त वी.सी. सज्जनार के मुताबिक,

“यह स्कैम अक्सर एक साधारण-से मैसेज से शुरू होता है—जैसे ‘अरे, क्या आपने मेरी ये तस्वीर देखी है?’ या ‘इस लिंक में आपकी फोटो है’।”

यूज़र जैसे ही उस लिंक पर क्लिक करता है, एक नकली WhatsApp Web पेज खुल जाता है। इसके बाद न कोई ओटीपी आता है और न ही क्यूआर कोड स्कैन करने की ज़रूरत पड़ती है—लेकिन आपका अकाउंट हैकर के डिवाइस से लिंक हो जाता है।


लिंक पर क्लिक करते ही क्या-क्या खतरे पैदा होते हैं?

तेलंगाना साइबर सुरक्षा निदेशक शिखा गोयल बताती हैं कि घोस्ट पेयरिंग के बाद—

  • आपका पूरा व्हाट्सऐप चैट डेटा अपराधियों के हाथ लग जाता है

  • निजी तस्वीरें, वीडियो और डॉक्यूमेंट एक्सेस हो जाते हैं

  • बैंक से जुड़े मैसेज, ओटीपी और अलर्ट देखे जा सकते हैं

  • आपके नाम से दूसरों को मैसेज भेजकर और लोगों को ठगा जाता है

यानी एक बार अकाउंट लिंक होते ही साइबर अपराधी आपकी डिजिटल पहचान का इस्तेमाल करने लगते हैं।


सरकार ने क्यों जारी की है चेतावनी?

केंद्रीय आईटी मंत्रालय (MeitY) ने साफ कहा है कि—

“अपराधी व्हाट्सऐप के डिवाइस लिंकिंग फीचर का दुरुपयोग कर रहे हैं। पेयरिंग कोड के ज़रिये बिना किसी अतिरिक्त वेरिफिकेशन के अकाउंट को हैक किया जा सकता है।”

सरकार ने सभी यूज़र्स को संदिग्ध लिंक, अनजान मैसेज और अचानक आने वाले फोटो/वीडियो लिंक से सतर्क रहने की सलाह दी है।


घोस्ट पेयरिंग से बचने के लिए क्या करें? (ज़रूरी सुरक्षा उपाय)

साइबर एक्सपर्ट्स और पुलिस ने कुछ अहम स्टेप्स बताए हैं—

  • व्हाट्सऐप सेटिंग में जाकर ‘Linked Devices’ को नियमित रूप से चेक करें

  • अगर कोई अनजान डिवाइस दिखे, तो तुरंत Log Out करें

  • अपने अकाउंट में Two-Step Verification ज़रूर ऑन करें

  • किसी भी संदिग्ध लिंक पर क्लिक न करें, चाहे भेजने वाला परिचित ही क्यों न हो

  • व्हाट्सऐप, ब्राउज़र और मोबाइल ऐप्स को हमेशा अपडेट रखें


अगर व्हाट्सऐप हैक हो जाए तो तुरंत क्या करें?

अगर आपको ज़रा-सा भी शक हो कि आपका अकाउंट हैक हो गया है—

  1. तुरंत व्हाट्सऐप और संबंधित ब्राउज़र का इस्तेमाल बंद करें

  2. सभी संदिग्ध मैसेज, लिंक और पॉप-अप के स्क्रीनशॉट सुरक्षित रखें

  3. ई-मेल, बैंक और सोशल मीडिया के पासवर्ड तुरंत बदलें

  4. बैंक ट्रांजैक्शन से जुड़ी जानकारी (UTR, कॉल लॉग) संभालकर रखें

  5. तुरंत हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करें

  6. या वेबसाइट cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज करें


पुलिस की सख़्त चेतावनी

तेलंगाना पुलिस ने साफ कहा है कि—

“ओटीपी, पिन, सीवीवी, व्हाट्सऐप कोड या कोई भी व्यक्तिगत जानकारी किसी भी परिस्थिति में किसी के साथ साझा न करें—चाहे वह खुद को कितना भी भरोसेमंद क्यों न बताए।”


निष्कर्ष

‘व्हाट्सऐप घोस्ट पेयरिंग’ एक ऐसा साइबर जाल है, जो आपकी छोटी-सी लापरवाही को बड़ा नुकसान बना सकता है। डिजिटल दौर में जागरूकता ही सबसे बड़ी सुरक्षा है। सतर्क रहें, संदिग्ध लिंक से दूर रहें और समय-समय पर अपने अकाउंट की सुरक्षा जांचते रहें।






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