नई दिल्ली | 22 फरवरी 2026 |✍🏻 Z S Razzaqi | वरिष्ठ पत्रकार
भारत ने इस सप्ताह दुनिया के सबसे बड़े AI समिट्स में से एक – इंडिया AI इम्पैक्ट समिट 2026 – की मेजबानी की। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के उद्घाटन, सैम ऑल्टमैन, सुंदर पिचाई, दारियो अमोदेई जैसे AI दिग्गजों की मौजूदगी और $200 अरब निवेश के बड़े सपने – सब कुछ था। लेकिन मैदान पर जो हुआ, वह एक अलग ही कहानी है: ट्रैफिक जाम, भ्रमित निर्देश, मीडियाकर्मियों के साथ बदसलूकी, गलत सूचना, एक यूनिवर्सिटी का रोबोट घोटाला, बिल गेट्स का आखिरी समय में पीछे हटना और स्टेज पर “हाथ पकड़ो” ड्रामा।
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CNBC के एशिया टेक एडिटर अर्जुन खरपाल ने दिल्ली में चार दिन बिताए और इसे “अपने करियर का सबसे चुनौतीपूर्ण असाइनमेंट” बताया। यह रिपोर्ट उनके ऑन-ग्राउंड अनुभव, समिट के अंदरूनी हालात और बड़े टेक CEOs के बयानों पर आधारित है।
1. समिट का माहौल: सपनों से ज्यादा अफरा-तफरी
- ट्रैफिक जाम: नई दिल्ली की आम समस्या, लेकिन समिट के दौरान और भी बदतर। तीन अलग-अलग होटलों में इंटरव्यू और इवेंट्स के लिए टीम को समय पर पहुंचाना मुश्किल।
- प्रवेश में भ्रम: 19 फरवरी को PM मोदी के उद्घाटन वाले दिन मीडियाकर्मियों को 6 बजे सुबह भारत मंडपम में एंट्री का निर्देश मिला, लेकिन सिक्योरिटी ने देर तक नहीं आने दिया। गेट पर सैकड़ों पत्रकारों की भीड़ लग गई।
- अंदरूनी कंट्रोल: सिक्योरिटी के अलग-अलग निर्देश – एक तरफ एंट्री, दूसरी तरफ बाहर। कई डेलिगेट्स ने संगठन पर नाराजगी जताई।
- IT मंत्री अश्विनी वैष्णव का माफी: पहले दिन की समस्याओं के लिए सार्वजनिक माफी मांगी।
2. सबसे बड़े विवाद और फजीहतें
- गलगोटियास यूनिवर्सिटी रोबोट घोटाला: यूनिवर्सिटी ने अपने स्टॉल पर चाइनीज कंपनी Unitree का Go2 रोबोट डॉग “Orion” रखा और DD न्यूज को बताया कि यह उनके सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में बना है। सोशल मीडिया पर पोल खुली – रोबोट चाइनीज था। यूनिवर्सिटी को स्टॉल से हटाया गया, प्रोफेसर ने “उत्साह में गलती” कहा।
- बिल गेट्स का पीछे हटना: गेट्स को कीनोट स्पीकर के तौर पर बुक किया गया, लेकिन आखिरी समय में रद्द। एपस्टीन फाइल्स कनेक्शन के कारण विवाद बढ़ा।
- “हाथ पकड़ो” ड्रामा: PM मोदी ने स्टेज पर सभी CEOs को हाथ पकड़कर फोटो खिंचवाई, लेकिन सैम ऑल्टमैन और दारियो अमोदेई ने हाथ नहीं पकड़े। सोशल मीडिया पर मीम्स की बाढ़। ऑल्टमैन ने बाद में कहा – “मुझे समझ नहीं आया कि क्या करना है।”
3. $200 अरब का सपना: टेक दिग्गजों की तारीफ
समिट में अफरा-तफरी के बावजूद बड़े टेक CEOs ने भारत की तारीफ की:
- सैम ऑल्टमैन (OpenAI): “यहां का उत्साह देखकर कमाल का लगा। भारत में टैलेंट पूल और कंज्यूमर मार्केट बहुत बड़ा है।”
- सुंदर पिचाई (Alphabet/Google): भारत में AI टैलेंट और डिजिटल इकोनॉमी की तारीफ। Gemini AI के लिए रिसर्चर्स और यूनिवर्सिटीज के साथ पार्टनरशिप की घोषणा।
- OpenAI-TCS डील: OpenAI टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज के नए डेटा सेंटर का पहला कस्टमर बनेगा।
- सरकार का दावा: अगले दो सालों में $200 अरब AI निवेश आकर्षित करना।
4. भारत के लिए संदेश क्या है?
- सकारात्मक: भारत AI में वैश्विक खिलाड़ी बनना चाहता है। 10,000 करोड़ की IndiaAI Mission, 38,000 GPUs, 12 फाउंडेशन मॉडल्स – बड़े दावे।
- चुनौतियां: संगठन में कमी, सुरक्षा में भ्रम, मीडिया हैंडलिंग में लापरवाही – ये सब भारत की “AI हब” बनने की छवि को नुकसान पहुंचा सकते हैं।
- टेक दिग्गजों की नजर: अफरा-तफरी के बावजूद भारत का टैलेंट पूल, 1.4 अरब कंज्यूमर मार्केट और डिजिटल इकोनॉमी उन्हें लुभा रही है।
निष्कर्ष:-
सपने बड़े, तैयारी छोटी
इंडिया AI इम्पैक्ट समिट 2026 में $200 अरब के सपने दिखे, लेकिन संगठन की कमियां और विवादों ने इसे “कंट्रास्ट” बना दिया। भारत AI में बड़ा प्लेयर बन सकता है, लेकिन इसके लिए इवेंट मैनेजमेंट, मीडिया हैंडलिंग और पारदर्शिता में सुधार जरूरी है।
अगर भारत वाकई AI सुपरपावर बनना चाहता है, तो अगला समिट अफरा-तफरी से नहीं, बल्कि दुनिया के लिए मिसाल बनकर होना चाहिए।
