जनपद संभल |12 फरवरी 2026 |✍🏻 Z S Razzaqi |वरिष्ठ पत्रकार
राज्य निर्वाचन आयोग के आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, चुनाव में अंतिम मतदान प्रतिशत 73.01% दर्ज किया गया — जो शहरी मतदाताओं की उल्लेखनीय भागीदारी और लोकतांत्रिक जागरूकता का संकेत है। कुल 52,17,413 पात्र मतदाताओं में से 38,09,406 मतदाताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया।
शुरुआती नतीजे: कांग्रेस आगे, BRS कड़ी चुनौती में
लगभग 11:30 बजे तक घोषित 448 वार्डों के परिणामों ने सत्ता संतुलन की प्रारंभिक तस्वीर पेश की:
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कांग्रेस → 240 वार्डों में जीत
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BRS → 140 वार्डों में जीत
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BJP → 37 वार्डों में जीत
ये रुझान दर्शाते हैं कि शहरी स्थानीय निकायों में कांग्रेस की स्थिति मजबूत दिख रही है, लेकिन BRS कई क्षेत्रों में करीबी मुकाबले के साथ चुनौती बनाए हुए है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि जैसे-जैसे अधिक राउंड्स पूरे होंगे, स्थानीय समीकरण और उम्मीदवार-विशेष प्रभाव अंतिम तस्वीर को प्रभावित कर सकते हैं।
मतगणना की रूपरेखा: चरणबद्ध, पारदर्शी और तकनीकी निगरानी
निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों के तहत मतगणना की शुरुआत पोस्टल बैलेट्स से हुई, जिसके बाद नियमित बैलेट्स की गिनती जारी है। प्रक्रिया की प्रमुख विशेषताएँ:
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प्रत्येक राउंड में 1,000 बैलेट्स का रैंडम चयन
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हर राउंड के बाद वोटों और अस्वीकृत मतों का आधिकारिक रिकॉर्ड
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एजेंट्स के हस्ताक्षर के साथ परिणाम शीट का सत्यापन
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पूर्ण मतगणना के बाद विजेताओं को प्रमाणपत्र (Certificates) जारी
कई जिलों में वेबकास्टिंग के माध्यम से काउंटिंग सेंटर्स की निगरानी की जा रही है, जिससे पारदर्शिता और प्रशासनिक नियंत्रण को मजबूती मिली है।
जिला फोकस: जहाँ मुकाबला दिलचस्प और निर्णायक
विकाराबाद: कांग्रेस–BRS में कांटे की टक्कर
विकाराबाद जिले की चार नगरपालिकाओं के कुल 100 वार्डों में से घोषित 28 वार्डों के नतीजों ने बेहद करीबी मुकाबले का संकेत दिया:
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कांग्रेस → 13
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BRS → 12
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AIMIM → 1
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BJP → 1
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निर्दलीय → 1
यहाँ दोनों प्रमुख दलों के बीच अंतर न्यूनतम है, जिससे आगामी राउंड्स में परिणामों की दिशा बदलने की संभावना बनी हुई है।
देवराकद्रा (महबूबनगर): कांग्रेस को बढ़त के साथ बहुमत
देवराकद्रा नगरपालिका के 12 वार्डों में कांग्रेस ने बढ़त के साथ बहुमत दर्ज किया:
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कांग्रेस → 6
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BRS → 4
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BJP → 1
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निर्दलीय → 1
यह परिणाम कांग्रेस के लिए संगठनात्मक मजबूती और स्थानीय नेतृत्व के प्रभाव का सकारात्मक संकेत माना जा रहा है।
नागरकुरनूल: प्रमाणपत्र वितरण से जीत का औपचारिक सिलसिला
नागरकुरनूल में मतगणना के शुरुआती राउंड्स के साथ ही विजयी उम्मीदवारों को प्रमाणपत्र जारी किए जाने लगे हैं। कांग्रेस उम्मीदवार पी. चंद्रकला को आधिकारिक प्रमाणपत्र प्राप्त हुआ। जिला प्रशासन के अनुसार, आगामी राउंड्स के नतीजे शीघ्र घोषित किए जा रहे हैं।
मतदान पैटर्न: उच्च और निम्न भागीदारी वाले क्षेत्र
निर्वाचन आयोग के अनुसार, कुछ नगरपालिकाओं/नगर निगमों में मतदान प्रतिशत उल्लेखनीय रहा:
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नगरपालिकाएँ (Municipalities):
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सर्वाधिक मतदान → 91.91% (चौतुप्पल)
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न्यूनतम मतदान → 59.66% (नंदिकोंडा ULB)
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नगर निगम (Municipal Corporations):
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सर्वाधिक मतदान → 77.36% (नलगोंडा ULB)
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न्यूनतम मतदान → 59.12% (निजामाबाद)
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ये आँकड़े शहरी मतदाताओं के विविध रुझानों और स्थानीय मुद्दों के प्रभाव को रेखांकित करते हैं।
शपथ ग्रहण और सत्ता संरचना: 16 फरवरी होगा अहम दिन
निर्वाचित काउंसिलर्स और कॉरपोरेटर्स का शपथ ग्रहण 16 फरवरी 2026, सुबह 11:30 बजे निर्धारित है। इसके पश्चात:
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नगर निगमों में मेयर और डिप्टी मेयर का चुनाव
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नगरपालिकाओं में चेयरपर्सन और वाइस-चेयरपर्सन का चुनाव
यही चरण स्थानीय शासन की दिशा, नीतिगत प्राथमिकताओं और दलगत प्रभाव के लिए निर्णायक होगा।
सुरक्षा और प्रशासनिक सख्ती: शांतिपूर्ण काउंटिंग पर जोर
मतगणना के दौरान राज्य पुलिस और प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था कड़ी रखी है। वरिष्ठ अधिकारियों ने चुनाव ड्यूटी में तैनात कर्मियों के साथ किसी भी प्रकार की बदसलूकी या व्यवधान पर कठोर कार्रवाई की चेतावनी दी है। प्रारंभिक रिपोर्ट्स के अनुसार, अधिकांश काउंटिंग सेंटर्स पर प्रक्रिया शांतिपूर्ण और व्यवस्थित ढंग से जारी है।
राजनीतिक निहितार्थ: शहरी जनादेश का व्यापक अर्थ
तेलंगाना के नगर निकाय चुनावों को केवल स्थानीय प्रशासनिक बदलाव के रूप में नहीं देखा जा रहा, बल्कि यह परिणाम आगामी राजनीतिक रणनीतियों, संगठनात्मक ताकत और शहरी मतदाताओं के भरोसे का भी संकेतक है। कांग्रेस की शुरुआती बढ़त राज्य सरकार के लिए मनोबल बढ़ाने वाली हो सकती है, वहीं BRS के लिए यह चुनौती और पुनर्संरचना का अवसर बन सकता है।
निष्कर्ष:-
रुझान सकारात्मक, अंतिम तस्वीर अभी शेष
हालांकि प्रारंभिक रुझान कांग्रेस के पक्ष में हैं, लेकिन सभी राउंड्स की मतगणना पूरी होना अभी बाकी है। कई जिलों में बेहद करीबी मुकाबले संकेत देते हैं कि अंतिम परिणामों में परिवर्तन संभव है। जैसे-जैसे और वार्डों के नतीजे सामने आएंगे, तेलंगाना की शहरी राजनीति की स्पष्ट और निर्णायक तस्वीर उभर कर सामने आएगी।
